पंजाब गऊ सेवा कमीशन के उप चेयरमैन कीमती भगत ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों और जिले की गौशालाओं के संचालकों के साथ बैठक की। बैठक में गऊधन की सेवा, संभाल और सुरक्षा को लेकर कानूनों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। कीमती भगत ने कहा कि पंजाब में गऊ हत्या, गऊ तस्करी और गऊ मांस जैसे गैरकानूनी कार्यों पर पूरी तरह रोक है। पंजाब गऊ हत्या रोकू अमेंडमेंट एक्ट-2011 के तहत आरोपियों को 10 साल तक की कैद हो सकती है। उन्होंने कहा कि पशुओं पर अत्याचार रोकने के लिए प्रिवेंशन ऑफ क्रुएलिटी टू एनिमल्स एक्ट भी लागू है और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि पंजाब से किसी अन्य राज्य में गऊधन ले जाने के लिए केवल डिप्टी कमिश्नर द्वारा परमिट जारी किया जा सकता है। पुलिस अधिकारियों को गऊ हत्या, तस्करी और गऊ मांस से जुड़े मामलों में सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि पकड़े गए गऊधन को नजदीकी सरकारी या निजी गौशाला में पहुंचाया जाए और आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर इसकी सूचना कमीशन को दी जाए। उन्होंने बताया कि बेसहारा गऊधन को गौशालाओं में पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है और जल्द ही टोल फ्री नंबर भी जारी किया जाएगा। बैठक में डिप्टी कमिश्नर विकास कृष्ण पाल राजपूत, आप जिला प्रधान हरजिंदर घागां, पशुपालन विभाग के अधिकारी, कमीशन सदस्य विनोद सोई और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।