धान की कटाई के सीजन में पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (सीएक्यूएम), नई दिल्ली की उच्चस्तरीय टीम ने फरीदकोट का दौरा कर प्रबंधों की समीक्षा की। डॉ. टी.एस. पंवार, सदस्य (तकनीकी), के नेतृत्व में टीम ने डिप्टी कमिश्नर राहुल चाबा और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की तथा कुछ गांवों में जाकर जमीनी स्थिति का जायजा लिया। टीम ने खेतों में पराली के प्रबंधन (इन-सीटू), खेतों से बाहर इसके प्रबंधन (एक्स-सीटू), कृषि मशीनरी की उपलब्धता और विभागों के बीच तालमेल की समीक्षा की। अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और पराली जलाने की घटनाओं पर समय रहते कार्रवाई करने पर जोर दिया गया। डिप्टी कमिश्नर राहुल चाबा ने बताया कि जिला प्रशासन पराली जलाने की घटनाओं को शून्य तक लाने के लिए प्रयासरत है। किसानों की जरूरत के अनुसार उन्हें सब्सिडी पर आधुनिक कृषि मशीनरी उपलब्ध करवाई जा रही है। साथ ही कृषि विभाग और अन्य विभागों के सहयोग से किसानों को पराली न जलाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इस अवसर पर केंद्रीय टीम ने पराली प्रबंधन के लिए प्रशासन और किसानों सहित सभी संबंधित पक्षों के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता पर जोर दिया। बैठक में कृषि विभाग तथा पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि मौजूद थे।