पीजीआई के सामुदायिक चिकित्सा विभाग के प्रो. रविन्द्र खाईवाल ने कहा कि हीट वेव केवल गर्मी नहीं बल्कि गंभीर स्वास्थ्य आपदा का रूप ले सकती है। तेज गर्मी और लू के कारण डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक, चक्कर, उल्टी और बेहोशी जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग, बच्चे, गर्भवती महिलाएं और पहले से बीमार लोग ज्यादा जोखिम में हैं। लोगों को दोपहर में धूप से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी गई है।