केंद्र सरकार ने प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाने, नागरिकों के लिए ईज आफ लिविंग और कारोबार के लिए ईज आफ डूइंग बिजनेस को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए चंडीगढ़ में पांच महत्वपूर्ण राज्य कानूनों को लागू कर दिया है। चीफ सेक्रेटरी एच राजेश प्रसाद ने यूटी सचिवालय में प्रेस वार्ता कर इन कानून के छह मई से लागू होने की जानकारी दी। इन कानूनों के लागू होने से प्रापर्टी रजिस्ट्रेशन, किरायेदारी, फायर सेफ्टी, भूमि रिकार्ड और ट्रैवल एजेंट्स से जुड़े मामलों में व्यापक सुधार आने की उम्मीद है। ये कानून पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 की धारा 87 के तहत अधिसूचनाओं के माध्यम से चंडीगढ़ में लागू किए गए हैं। चंडीगढ़ में विधानसभा नहीं होने के कारण उपयुक्त राज्य कानूनों को यहां लागू करने की स्थापित व्यवस्था के तहत यह कदम उठाया गया है। चीफ सेक्रेटरी ने कहा कि अभी मजबूत टेनेंसी एक्ट नहीं होने से संपत्ति पर कब्जा होने या विवाद के डर से लोगों ने इन्हें किराये पर देना भी बंद कर दिया था। अब संपत्ति मालिक और किरायेदार दोनों को बराबर अधिकार और सुनवाई के मौके मिलेंगे। बाकी चार कानून के लागू होने से भी लोगों की जीवन स्तर सुधरेगा और बिजनेस करना आसान होगा।