श्री अमृतसर साहिब स्थित अकाल तख्त पर दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी डीएसजीएमसी के सदस्यों को तलब किया गया। जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने बताया कि 25 अक्तूबर को जारी आदेश के बावजूद कमेटी द्वारा बैठक करना तख्त के निर्देशों की अवहेलना है। पेश हुए सदस्यों ने अपना स्पष्टीकरण दिया, लेकिन उन्हें 15 दिनों के भीतर लिखित रूप में प्रस्ताव पर पुनर्विचार कर कार्रवाई रद्द या संशोधित करने को कहा गया है। जत्थेदार ने चेतावनी दी कि यदि मुख्य सिख संस्थाएं ही आदेशों की पालना नहीं करेंगी तो इसका गलत संदेश जाएगा। 15 दिन में सुधार न होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि तख्त के फैसले सिख कौम के लिए अंतिम होते हैं। बैठक में गुरुद्वारों के अधीन चल रहे स्कूलों और कॉलेजों के कामकाज पर भी चर्चा हुई। 2006 से 2026 तक के खातों की समीक्षा वैसाखी के बाद की जाएगी। साथ ही 1984 सिख विरोधी हिंसा में मारे गए लोगों को शहीद का दर्जा देने की मांग पर भी गंभीरता से विचार करने की बात कही गई।