उमरिया जिले के कृषि उपज मंडी प्रांगण में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव में जिलेभर से बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। कार्यक्रम में किसानों को कृषि विभाग तथा शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही आधुनिक कृषि तकनीक, खेती में नवाचार और किसान हितैषी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में जिला प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान की मौजूदगी रही। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े और उमरिया जिले के किसानों की स्थिति तथा उन्हें मिल रही योजनाओं के लाभ की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कलेक्टर से जिले में किसानों की स्थिति और उनकी प्रमुख समस्याओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसानों से संबंधित समस्याओं का स्थानीय स्तर पर प्राथमिकता के साथ निराकरण किया जाए, ताकि किसानों को अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
ये भी पढ़ें- एमपी: मंत्री उदय प्रताप सिंह बोले- राहुल गांधी की राजनीति 30 साल पीछे चल रही, 26 की उम्र वाला काम 57 में कर रहे
किसान चौपाल के जरिए सीधे संवाद के निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उमरिया कलेक्टर को जिले के विभिन्न क्षेत्रों में नियमित रूप से किसान चौपाल आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसान चौपाल केवल औपचारिक कार्यक्रम न होकर किसानों से सीधे संवाद का माध्यम बनें। इसमें किसानों की समस्याएं मौके पर सुनी जाएं और संबंधित विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में उनके निराकरण की प्रक्रिया शुरू की जाए।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान कलेक्टर उमरिया ने जिले की स्थिति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक के कार्यक्रम में उपस्थित नहीं होने की जानकारी भी दी गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को किसानों से जुड़े मामलों में गंभीरता से कार्य करने और शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
योजनाओं और आधुनिक खेती की दी जानकारी
बलराम कृषि महोत्सव में कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को खेती से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक अपनाने, उत्पादन बढ़ाने, कृषि क्षेत्र में नवाचार करने तथा शासन की किसान कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में किसानों ने कृषि विभाग की योजनाओं और खेती से संबंधित विषयों की जानकारी प्राप्त की। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी मौजूद रहे। महोत्सव के माध्यम से किसानों और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने तथा स्थानीय स्तर पर उनकी समस्याओं के समाधान पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद अब किसान चौपालों के जरिए किसानों की समस्याओं को सुनकर उनके त्वरित निराकरण की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिए जाने की बात सामने आई है।