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दमोह: मंत्री का पुतला फूंका तो पूर्व MLA रामबाई समेत 15 पर FIR, बोलीं- मुकदमों से नहीं डरती, संघर्ष जारी रहेगा

Tue, 22 Sep 2026 01:41 PM IST
दमोह ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह

दमोह जिले के पथरिया में सोशल मीडिया पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में शुरू हुआ विवाद अब एफआईआर तक पहुंच गया है। बसपा की पूर्व विधायक रामबाई सिंह परिहार और उनके समर्थकों ने प्रदर्शन के दौरान मंत्री लखन पटेल का पुतला जलाया था। इस मामले में पुलिस ने रामबाई समेत करीब 15 बसपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है। कार्रवाई के बाद रामबाई ने पुलिस से निष्पक्ष तरीके से काम करने की अपील करते हुए कहा कि वह मुकदमों से डरने वाली नहीं हैं।

सोशल मीडिया टिप्पणी के विरोध में हुआ था प्रदर्शन
बताया गया कि 19 सितंबर को रामबाई सिंह परिहार के समर्थन में बसपा कार्यकर्ता पथरिया में एकत्र हुए थे। कार्यकर्ताओं ने रैली निकाली और बाद में पुलिस थाने पहुंचकर आवेदन दिया। प्रदर्शन की मुख्य वजह जनपद उपाध्यक्ष प्रतिनिधि उदयभान पटेल की ओर से रामबाई के खिलाफ सोशल मीडिया पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी बताई गई। बसपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि टिप्पणी से रामबाई का अपमान हुआ है और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। रामबाई ने आरोप लगाया कि उदयभान पटेल को मंत्री लखन पटेल का समर्थन प्राप्त है। इसी कथित संरक्षण के विरोध में कार्यकर्ताओं ने मंत्री का पुतला जलाया।

प्रदर्शन की अनुमति थी, पुतला दहन की नहीं
पथरिया एसडीओपी प्रिया सिंधी के अनुसार, बसपा कार्यकर्ताओं को रैली और ज्ञापन के लिए अनुमति दी गई थी। हालांकि पुतला दहन की अनुमति नहीं ली गई थी। भाजपा मंडल अध्यक्ष की शिकायत के आधार पर पुलिस ने बिना अनुमति पुतला दहन करने के मामले में प्रकरण दर्ज किया है। इस मामले में पूर्व विधायक रामबाई सिंह परिहार समेत करीब 15 लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि बिना अनुमति पुतला दहन करना कार्रवाई का आधार बना है।

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रामबाई का दावा- अचानक बना था पुतला जलाने का कार्यक्रम
एफआईआर दर्ज होने के बाद रामबाई ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन और अन्य गतिविधियों को लेकर उन्होंने पुलिस को आवेदन दिया था, लेकिन उस समय पुतला दहन का कोई कार्यक्रम तय नहीं था। रामबाई के मुताबिक, बाद में एक-दो घंटे के भीतर पुतला जलाने का निर्णय लिया गया। उनका दावा है कि इसकी जानकारी पुलिस को देने का प्रयास भी किया गया था। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस को पुतला दहन की जानकारी थी तो पुलिस को मौके पर पहुंचकर उन्हें रोकना चाहिए था।

बोलीं- नेताओं के दबाव में काम न करे पुलिस
रामबाई ने पुलिस से कहा कि नेता और मंत्री आते-जाते रहते हैं तथा चुनाव में जीत-हार होती रहती है। पुलिस को किसी राजनीतिक दबाव में आकर कार्रवाई नहीं करनी चाहिए। उन्होंने पुलिसकर्मियों से कानून और अपने विवेक के आधार पर कार्रवाई करने की अपील की। पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि उनके और कार्यकर्ताओं के खिलाफ दबाव में मामला दर्ज किया गया है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रकरण बिना अनुमति पुतला दहन की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है।

एफआईआर के बाद भी पीछे हटने को तैयार नहीं रामबाई
रामबाई ने कहा कि उनके अलावा करीब 15 से 16 समर्थकों पर मामला दर्ज हुआ है, लेकिन वह इससे डरने वाली नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मुकदमे दर्ज होने से उनके आंदोलन पर कोई असर नहीं पड़ेगा और वह गलत के खिलाफ आवाज उठाती रहेंगी। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से भी पीछे नहीं हटने की बात कही। अब इस मामले में पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर है।

2018 में रामबाई ने हराया था, 2023 में लखन पटेल से मिली हार
पथरिया की राजनीति में रामबाई सिंह और लखन पटेल के बीच राजनीतिक मुकाबला पुराना है। वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में रामबाई ने लखन पटेल को हराकर पथरिया सीट से जीत दर्ज की थी। वहीं वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में लखन पटेल ने रामबाई को हराकर सीट अपने नाम की। अब सोशल मीडिया टिप्पणी के विरोध में शुरू हुआ विवाद मंत्री का पुतला दहन, पुलिस शिकायत और एफआईआर तक पहुंच गया है। इससे पथरिया की सियासत में एक बार फिर दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक टकराव चर्चा में आ गया है। मंत्री लखन पटेल का पुतला दहन करते बसपा कार्यकर्ता - फोटो : credit   पुतला दहन के बाद ज्ञापन का वाचन करते बसपा कार्यकर्ता  

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