हटा तहसील के मडियादो में रविवार को मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक के अंदर अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। बैंक के अंदर से धुआं उठता देख आसपास मौजूद ग्रामीण घबरा गए और तत्काल बैंक प्रबंधन को इसकी सूचना दी। बैंक कर्मियों के मौके पर पहुंचने पर अंदर धुआं भरा मिला। जांच करने पर इन्वर्टर और चार बैटरियां जली हुई पाई गई।
जानकारी के अनुसार घटना उस समय हुई, जब बैंक बंद था। गनीमत रही कि आग बैंक के अन्य हिस्सों तक नहीं पहुंची, वरना दस्तावेज, फर्नीचर और अन्य सामग्री को नुकसान पहुंचने के साथ बड़ा हादसा हो सकता था। बैंक रहवासी क्षेत्र में स्थित होने के कारण आग फैलने की स्थिति में आसपास के लोगों के लिए भी खतरा पैदा हो सकता था।
इन्वर्टर और चार बैटरियां जलीं
बैंक प्रबंधन के अनुसार आग लगने से इन्वर्टर और चार बैटरियां पूरी तरह जल गईं। शुरुआती तौर पर बिजली के फॉल्ट की आशंका जताई जा रही है। हालांकि आग लगने की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। बैंक प्रबंधन ने मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दे दी है।
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बिना सूचना स्मार्ट मीटर लगाने पर उठे सवाल
बैंक प्रबंधन की ओर से यह भी बताया गया कि शनिवार रात बैंक के बाहर स्मार्ट मीटर लगाकर बिजली सप्लाई चालू कर दी गई थी। बैंक प्रबंधन का कहना है कि मीटर लगाए जाने की उसे कोई सूचना नहीं दी गई और न ही इस संबंध में कोई विभागीय पत्र प्राप्त हुआ था। बैंक प्रबंधन को आशंका है कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद हुए विद्युत फॉल्ट की वजह से इन्वर्टर और बैटरियों में आग लगी हो सकती है। हालांकि स्मार्ट मीटर ही आग लगने की वजह था या नहीं, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
‘ब्लास्ट होता तो पूरा बैंक जल सकता था’
बैंक प्रबंधक हरीश अहिरवार ने बताया कि आग से इन्वर्टर और बैटरियां जली हैं। स्मार्ट मीटर बिना बैंक को सूचना दिए लगाया गया था। मामले की जानकारी अधिकारियों को दे दी गई है। उन्होंने कहा कि यदि फॉल्ट के दौरान बड़ा ब्लास्ट हो जाता तो बैंक के अंदर आग तेजी से फैल सकती थी और बड़ा नुकसान होने की आशंका थी। फिलहाल घटना के बाद बैंक में हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। आग लगने के वास्तविक कारण और स्मार्ट मीटर से इसका कोई संबंध है या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।