सोनभद्र के भैसवारा गांव में चकबंदी में कथित अनियमितताओं के विरोध में आंदोलन कर रहे भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति के कार्यकर्ताओं को बृहस्पतिवार को पीजीआई क्षेत्र में रोक लिया गया। किसान चकबंदी आयुक्त से वार्ता करने के लिए मोहनलालगंज से निकले थे। रोके जाने के विरोध में कार्यकर्ताओं ने अपने वाहन सड़क पर खड़े कर नहर रोड जाम कर दिया और दोपहर करीब दो बजे धरने पर बैठ गए। यूनियन के मुताबिक, भैसवारा गांव में चकबंदी में अनियमितताओं को लेकर किसानों का आंदोलन पिछले 521 दिनों से चल रहा है। इसी सिलसिले में 22 अक्टूबर को चकबंदी आयुक्त से वार्ता करने का निर्णय लिया गया था। बृहस्पतिवार को किसान नेताओं का काफिला चकबंदी आयुक्त से मिलने जा रहा था, तभी पीजीआई पुलिस ने उन्हें मुख्य रायबरेली मार्ग से हटाकर नहर रोड की ओर रोक दिया। डेढ़ घंटे की वार्ता के बाद 10 नवंबर की तारीख तय किसानों के धरने की सूचना मिलने पर बंदोबस्त अधिकारी अजय कुमार और मोहम्मद असलम मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने सोनभद्र के जिला अध्यक्ष बिरजू कुशवाहा समेत अन्य किसान नेताओं से वार्ता की। करीब डेढ़ घंटे तक चली बातचीत के बाद बताया गया कि चकबंदी आयुक्त मौके पर मौजूद नहीं हैं। उनके आने के बाद ही मामले में आगे निर्णय लिया जाएगा। इसके बाद तत्काल वार्ता टाल दी गई और अगली बैठक के लिए 10 नवंबर की तारीख निर्धारित की गई।