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सोशल मीडिया के प्रभाव से बचें, गीता से जुड़ें युवा

नीरज नरवरिया Updated Thu, 03 Sep 2026 01:05 AM IST

झांसी। क्राफ्ट मेला मैदान में बुधवार को आयोजित इंस्पीरेशन यूथ फेस्टिवल में युवाओं को सोशल मीडिया और डिजिटल मीडिया के अत्यधिक प्रभाव से बचने का संदेश दिया गया। इस्कॉन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने युवाओं को भारतीय संस्कृति और भगवद्गीता की शिक्षाओं से जोड़ने पर जोर दिया। सोशल मीडिया के मानसिक प्रभाव और जीवन में आध्यात्मिक मूल्यों की भूमिका पर भी चर्चा हुई। इस्कॉन झांसी इकाई के अध्यक्ष ब्रजभूमि दास ने कहा कि युवा अपनी ऊर्जा और प्रतिभा का सही दिशा में उपयोग करें तो समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। उन्होंने युवाओं से लक्ष्य निर्धारित कर अपनी क्षमता का रचनात्मक उपयोग करने का आह्वान किया। प्रिय गोविंदा दास ने सोशल मीडिया के प्रभाव को समझाते हुए ‘एम्प्टीनेस, हैप्पीनेस और सैडनेस’ के तीन सूत्र बताए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया कई बार व्यक्ति के भीतर के खालीपन को लाइक्स और व्यूज के माध्यम से भरने का भ्रम पैदा करता है। इससे खुशी बाहरी मान्यता से जुड़ जाती है और दुख के समय व्यक्ति और अधिक डिजिटल दुनिया में उलझ सकता है। उन्होंने युवाओं से सोशल मीडिया के महज उपभोक्ता बनने के बजाय अपने समय, मन और जीवन पर नियंत्रण रखने की अपील की। 1953 में झांसी से शुरू हुआ था प्रयास इस्कॉन के संस्थापक आचार्य एसी भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद का झांसी से पुराना संबंध रहा है। वर्ष 1953 में उन्होंने झांसी में ‘लीग ऑफ डिवोटीज’ नाम से संस्था की शुरुआत की थी। 16 मई 1953 को भारती भवन में संस्था के उद्घाटन कार्यक्रम में उन्होंने भगवद्गीता पर प्रवचन दिया था। संस्था का उद्देश्य कृष्ण भक्ति और वैदिक दर्शन का प्रचार करना था। इसके बाद वर्ष 1966 में प्रभुपाद ने अमेरिका के न्यूयॉर्क में इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्ण कॉन्शसनेस (इस्कॉन) की स्थापना की। इसके बाद कृष्ण भक्ति का यह आंदोलन विभिन्न देशों तक पहुंचा। वर्तमान में इस्कॉन की ओर से धार्मिक आयोजनों के साथ युवाओं के लिए गीता अध्ययन, व्यक्तित्व विकास और जीवन प्रबंधन जैसे विषयों पर भी कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। 2002 में मुखर्जी परिवार ने दान किया था मकान सैंयर गेट क्षेत्र स्थित इस्कॉन मंदिर परिसर का संबंध फिल्म अभिनेत्री रानी मुखर्जी के परिवार से बताया जाता है। उनके पिता राम मुखर्जी का झांसी में पुश्तैनी मकान था। वर्ष 2002 में उन्होंने करीब 20 हजार वर्गफीट का मकान इस्कॉन को दान किया था। इसी परिसर में वर्तमान इस्कॉन मंदिर स्थित है। परिसर में मुखर्जी परिवार की कुलदेवी का मंदिर भी है। चार सितंबर को मनाई जाएगी जन्माष्टमी क्राफ्ट मेला मैदान में चार सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए इस्कॉन की ओर से तैयारियां की जा रही हैं। इंस्पीरेशन यूथ फेस्टिवल में भी युवाओं को श्रीकृष्ण की शिक्षाओं और भगवद्गीता के संदेश से जोड़ने पर जोर दिया गया। प्रस्तुतियों ने बांधा समां कार्यक्रम में इस्कॉन युवा मंच के विद्यार्थियों ने ‘मन और मैं’ मूक अभिनय प्रस्तुत किया। इसमें सोशल मीडिया के अत्यधिक इस्तेमाल से होने वाले प्रभावों को दर्शाया गया। दिल्ली विश्वविद्यालय के कृष्ण जोही ने तनाव पर आधारित रैप प्रस्तुत किया। उन्होंने चैतन्य महाप्रभु की शिक्षाओं को सकारात्मक जीवन का माध्यम बताया। नोएडा की कीर्तन टीम ने ‘मंत्र रॉक’ की प्रस्तुति दी। आधुनिक संगीत के साथ आध्यात्मिक मंत्रों के संयोजन वाली प्रस्तुति पर युवा झूम उठे। प्रिय गोविंदा दास ने युवाओं से डिजिटल माध्यमों का विवेकपूर्ण इस्तेमाल करने की अपील की। कार्यक्रम में पुलिस महानिरीक्षक आकाश कुलहरी, जिलाधिकारी गौरांग राठी और चंद्रशेखर आजाद इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के चेयरमैन मनीष तिवारी समेत कई गण्यमान्य लोग शामिल हुए। पुलिस महानिरीक्षक ने युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। जिलाधिकारी गौरांग राठी ने सैकड़ों युवाओं को नशामुक्ति की शपथ दिलाई।

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