ललितपुर। पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना के साथ सुहागिन महिलाओं ने करवा चौथ का व्रत रखा। दिनभर निर्जला उपवास रखने के बाद देर शाम चंद्रमा के दर्शन कर महिलाओं ने विधि-विधान से पूजन किया और पति का चेहरा चलनी से देखकर व्रत खोला। शहर से लेकर घरों तक करवा चौथ की रौनक दिखाई दी। महिलाओं ने सोलह शृंगार कर पूजा-अर्चना की और दांपत्य जीवन में सुख-शांति की कामना की। सुबह स्नान के बाद महिलाओं ने घरों के काम निपटाकर व्रत की तैयारियां कीं। शाम को घरों में पूजा की थाली सजाई गई। महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में सोलह शृंगार कर करवा चौथ की कथा सुनी। पूजा के दौरान करवा, दीपक, मिठाई और अन्य पूजन सामग्री रखी गई। चंद्रमा के निकलने का इंतजार कर रहीं महिलाओं ने दर्शन होते ही अर्घ्य दिया और पति की दीर्घायु की कामना की। इसके बाद चलनी से पहले चंद्रमा और फिर पति का चेहरा देखा। पतियों ने पानी पिलाकर पत्नी का व्रत खुलवाया। महिलाओं ने घर के बुजुर्गों के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। रामराजा मंदिर में विशेष पूजन, 57 साल पुरानी परंपरा आजाद चौक स्थित रामराजा मंदिर में शाम छह बजे से ही महिलाओं का जुटना शुरू हो गया। चंद्रमा निकलने पर मंदिर परिसर में महिलाओं ने एक साथ पूजन-अर्चन किया। पुजारी संजय दुबे ने विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई। इस दौरान 200 से अधिक महिलाएं एकत्रित हुईं। मंदिर परिसर भजन-कीर्तन से भक्तिमय हो उठा। मंदिर में करवा चौथ पर सामूहिक पूजन की यह परंपरा 57 साल पुरानी है, जिसका महिलाएं आज भी श्रद्धा के साथ निर्वहन कर रही हैं।