आगरा के कागारौल के गांव कुसियापुर में मातमी सन्नाटा पसरा है। गुरुवार को दुर्गा मूर्ति विसर्जन के दौरान हुए हादसे में गांव के 13 युवक उटंगन नदी में डूब गए थे। इनमें से पांच लोगों की लाशें मिल चुकी हैं। सात लोग अब भी लापता है, जिनकी तलाश के लिए एनडीआरएफ और सेना लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहीं हैं। इस दर्दनाक हादसे में अब तक एकमात्र जीवित बचे युवक विष्णु ने घटना का भयावह मंजर बताया। विष्णु ने बताया कि वह और गांव के अन्य युवक माता की मूर्ति लेकर नदी में विसर्जन करने गए थे। पानी कमर तक था और सभी मिलकर मूर्ति को आगे बढ़ा रहे थे। तभी अचानक एक जगह गहरा गड्ढा आ गया और देखते ही देखते सब लोग उसमे समा गए। विष्णु ने किसी तरह उछाल मारी, तभी किनारे पर खड़े गांव के ही रिंकू ने तैर कर उसका हाथ पकड़ लिया और उसे बाहर खींच लाया। विष्णु ने बताया कि इस स्थान पर पहले कभी मूर्ति विसर्जन नहीं किया गया था। उन्हें वहां गहराई का अंदाजा नहीं था। उसने कहा कि नदी के उस हिस्से में मिट्टी का खनन होता रहा है, जिससे कई गहरे गड्ढे बन गए हैं। इन्हीं गड्ढों के कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ।