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ऊना में रास्ता निर्माण रुकने पर लामबंद हुए ग्रामीण, बोले- हर हाल में पूरा हो काम

हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में विकास खंड अंब की ग्राम पंचायत नंदपुर के वार्ड नंबर-1 में रास्ते के निर्माण को लेकर विवाद गहरा गया है। रविवार को निर्माण स्थल पर एकत्रित ग्रामीणों ने पंचायत प्रधान रंजना देवी का समर्थन करते हुए रास्ते का काम पूरा करवाने की मांग उठाई। ग्रामीणों का कहना है कि दलदली जमीन के कारण उन्हें वर्षों से आवाजाही में परेशानी झेलनी पड़ रही है। ऐसे में रास्ते का निर्माण रुकने से उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इस दौरान जिला परिषद सदस्य सरवन सिंह बंटू भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों के अनुसार, कई पंचायतों का कार्यकाल पूरा होने के बावजूद रास्ते की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया था। अब निर्माण शुरू हुआ तो कुछ लोगों की आपत्तियों के कारण काम रोक दिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि संबंधित स्थान की जमीन काफी दलदली है और उसका स्तर भी नीचे है। इस कारण यहां से गुजरना मुश्किल बना रहता है। उनका कहना है कि रास्ते के निर्माण के लिए लोगों ने अपनी निजी जमीन भी उपलब्ध करवाई है। ग्रामीण देव राज, जीतू, पोली देवी, विजय कुमार, नीलम कुमारी, शांति देवी और लकी ने कहा कि रास्ता बनने से सैकड़ों लोगों को लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि दलदली जमीन की भराई के लिए निजी खर्च से बजरा मंगवाया गया था, ताकि रास्ते का आधार मजबूत किया जा सके। ग्रामीणों ने कहा कि वे निर्माण कार्य में हरसंभव सहयोग देने के लिए तैयार हैं। जरूरत पड़ने पर श्रमदान और आर्थिक मदद भी करेंगे, लेकिन रास्ते का निर्माण अधूरा नहीं रहना चाहिए। रास्ते की समस्या को लेकर 100 वर्षीय शीला देवी भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि जीवन के 100 वर्ष पूरे होने के बावजूद उन्हें इसी दलदली रास्ते से होकर आना-जाना पड़ा है। अब जब रास्ते का निर्माण शुरू हुआ है तो इसमें बाधा नहीं आनी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि रास्ता बनने से ग्रामीणों को रोजमर्रा की आवाजाही में राहत मिलेगी और आने वाली पीढ़ियों को भी इस परेशानी से नहीं जूझना पड़ेगा। पंचायत प्रधान रंजना देवी ने कहा कि संबंधित स्थान की जमीन दलदली होने के कारण नीचे भराई करने के लिए बजरा इस्तेमाल किया जा रहा था, ताकि रास्ते का आधार तैयार हो सके। उन्होंने कहा कि निर्माण स्थल की वास्तविक परिस्थितियों को समझे बिना मामले को अनियमितता से जोड़ना उचित नहीं है। प्रधान ने आरोप लगाया कि कुछ लोग निर्माण कार्य में बेवजह बाधा डाल रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि निर्माण के दौरान सरकारी सीमेंट को जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई करने के लिए वह तैयार हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि जांच में जमीन की स्थिति और निर्माण की जरूरतों को ध्यान में रखकर तथ्य सामने लाए जाएंगे। जिला परिषद सदस्य सरवन सिंह बंटू ने कहा कि वार्ड नंबर-1 के ग्रामीणों को रास्ते के कारण लंबे समय से परेशानी झेलनी पड़ रही है। दलदली जमीन होने के कारण यहां से आवाजाही करना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं और आपत्तियों का समाधान आपसी बातचीत से निकाला जाना चाहिए, ताकि विकास कार्य प्रभावित न हो और लोगों को रास्ते की सुविधा मिल सके। रास्ते के निर्माण में क्रशर सामग्री के बजाय बजरा इस्तेमाल किए जाने को लेकर कुछ ग्रामीणों ने शिकायत की थी। शिकायत मिलने के बाद खंड विकास अधिकारी अंब ओम पाल डोगरा मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। अनियमितताओं की आशंका को देखते हुए उन्होंने काम रुकवा दिया और मामले की जांच के आदेश दिए। फिलहाल निर्माण कार्य जांच पूरी होने तक बंद है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जांच के बाद रास्ते का काम दोबारा शुरू होगा और उनकी लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान हो सकेगा।

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