मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत मिली दो लाख रुपये की सहायता ने ऊना के जसविंदर सिंह के लिए अपने पैरों पर खड़े होने की राह आसान कर दी। बंगाणा क्षेत्र के तलाई गांव के 23 वर्षीय जसविंदर ने मकरैड़ में इलेक्ट्रिकल की अपनी दुकान शुरू की है। माता-पिता को कम उम्र में खोने के बाद चाचा-चाची के सहयोग से आईटीआई की पढ़ाई पूरी करने वाले जसविंदर आज अपने व्यवसाय से 15 से 20 हजार रुपये प्रतिमाह कमा रहे हैं और साथ ही तीन युवाओं को रोजगार भी दे रहे हैं। मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत वित्त वर्ष 2025-26 में स्वरोजगार के लिए मिली दो लाख रुपये की सहायता ने जसविंदर के उस सपने को पूरा करने में मदद की, जिसे वे आईटीआई के दिनों से संजोए हुए थे। उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निर्देशानुसार जिला प्रशासन मुख्यमंत्री सुखआश्रय योजना का लाभ प्रत्येक पात्र बच्चे तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचाने के लिए तत्परता से कार्य कर रहा है।