हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं भाजपा नेता अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष चुनावी हार के बाद अपनी विफलताओं की जिम्मेदारी लेने के बजाय ईवीएम, चुनाव आयोग और जनता पर सवाल उठाता है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग और एसआईआर के मुद्दे पर शुरू हुआ आंदोलन अब तख्तापलट के सपने देखने तक पहुंच गया है। अनुराग ठाकुर शुक्रवार को ऊना जिले के हरोली विधानसभा क्षेत्र के पालकवाह स्थित ऑडिटोरियम में आयोजित जनप्रतिनिधि सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। कार्यक्रम में हाल ही में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में चुने गए भाजपा समर्थित जिला परिषद सदस्यों, पंचायत समिति सदस्यों, पंचायत प्रधानों, उपप्रधानों और वार्ड पंचों को सम्मानित किया गया। इस दौरान हरोली के भाजपा नेता प्रोफेसर रामकुमार के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। मीडिया से बातचीत में अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि विपक्ष चुनावों में हार के बाद कभी ईवीएम, कभी चुनाव आयोग और कभी जनता को जिम्मेदार ठहराता है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग और एसआईआर के मुद्दे से आंदोलन की शुरुआत हुई थी, लेकिन अब विपक्षी नेता तख्तापलट की बातें कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का उद्देश्य केवल चुनाव आयोग पर सवाल उठाना नहीं, बल्कि देश की संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करना है। उन्होंने यह भी दावा किया कि विपक्ष की राजनीति का असली चेहरा जनता के सामने आ रहा है। अनुराग ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी पर भी निशाना साधा। उन्होंने वीरभद्र सिंह की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की अनुपस्थिति को लेकर सवाल उठाए। हरोली में निर्माणाधीन बल्क ड्रग पार्क को लेकर अनुराग ठाकुर ने कहा कि यह परियोजना हिमाचल प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और औद्योगिक विकास को गति देने में अहम भूमिका निभा सकती है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लिया था। इसी दिशा में दवाइयों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले आवश्यक कच्चे माल यानी सक्रिय औषधीय घटकों (एपीआई) का घरेलू उत्पादन बढ़ाने के लिए तीन राज्यों का चयन किया गया था, जिनमें हिमाचल प्रदेश का ऊना जिला भी शामिल था। अनुराग ठाकुर के अनुसार, उस समय परियोजना के लिए जमीन उपलब्ध करवाना बड़ी चुनौती थी, लेकिन तत्कालीन जयराम ठाकुर सरकार और केंद्र के सहयोग से हरोली में बल्क ड्रग पार्क स्थापित करने का रास्ता साफ हुआ। उन्होंने राज्य सरकार से परियोजना का काम तेज करने की अपील की।