हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में एक बार फिर लंपी वायरस (Lumpy Skin Disease) के मामले सामने आने लगे हैं। जिले के नालागढ़ और कुनिहार क्षेत्र में करीब 40 पशुओं में संक्रमण की पुष्टि हुई है। मामलों के सामने आने के बाद पशुपालन विभाग ने निगरानी और रोकथाम की गतिविधियां तेज कर दी हैं। पशुपालन विभाग के अनुसार पंजाब और हरियाणा से सटे सीमावर्ती क्षेत्रों में पशुओं की आवाजाही को देखते हुए पहले से ही सतर्कता बरती जा रही थी। अब संक्रमण की पुष्टि होने के बाद प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ाने के साथ पशुओं के टीकाकरण और संक्रमण को नियंत्रित करने के उपाय किए जा रहे हैं। विभाग ने जिले में लंपी वायरस से बचाव के लिए 90,500 वैक्सीन डोज मंगवाई हैं। प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं का तत्काल टीकाकरण करवाने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग की प्राथमिकता संक्रमित पशुओं को समय रहते अन्य पशुओं से अलग करना और संक्रमण के प्रसार को रोकना है। पशुपालन विभाग ने पशुपालकों को विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। किसी पशु में लंपी वायरस के लक्षण दिखाई देने पर उसे तुरंत दूसरे पशुओं से अलग रखने और विभाग को सूचना देने को कहा गया है। विभाग के अनुसार समय पर संक्रमित पशु को अलग करने से बीमारी के दूसरे पशुओं में फैलने की आशंका को कम किया जा सकता है। सीमावर्ती क्षेत्रों में पशुओं की आवाजाही पर भी निगरानी रखी जा रही है। लंपी वायरस पशुओं में फैलने वाली बीमारी है और इसके संक्रमण को देखते हुए पशुपालकों से पशुओं की नियमित निगरानी करने को कहा गया है। विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों में पशुओं की आवाजाही और स्वास्थ्य पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। पशुपालन विभाग ने अपील की है कि बीमारी के लक्षण दिखने पर पशुपालक खुद उपचार करने के बजाय तत्काल संबंधित पशु चिकित्सक या विभागीय अधिकारियों से संपर्क करें।