जोगिंद्रा केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड के मुख्यालय में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 2 और 3 जुलाई को कृषि सहकारी कर्मचारी प्रशिक्षण संस्थान सांगटी की ओर से आयोजित हुआ। इसमें बेहतर शासन और संसाधनों के प्रबंधन के जरिये आत्मनिर्भरता विषय पर चर्चा हुई, जिसके समापन पर बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा मुख्य अतिथि रहे। मुकेश शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि प्राथमिक कृषि सहकारी सभाएं (पीएसीएस) ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्होंने जोर दिया कि इन संस्थाओं में बेहतर शासन, पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन आवश्यक है। शर्मा ने कहा कि संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन से सहकारिता आंदोलन को नई दिशा मिलेगी। इससे आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सहकारी संस्थाओं की भूमिका सशक्त होगी। उन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रम को निदेशकों की ज्ञान और नेतृत्व क्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। इस अवसर पर बैंक के प्रबंध निदेशक पंकज सूद भी उपस्थित थे। नाबार्ड के डीजीएम अशोक चौहान, कृषि विभाग के अधिकारी अभिषेक नेगी और आफरीन भी मौजूद रहे। कृषि सहकारी कर्मचारी प्रशिक्षण संस्थान, सांगटी से शिवानी ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। सभी वक्ताओं ने सहकारी संस्थाओं के प्रभावी संचालन और सुशासन पर विचार साझा किए।