श्री रेणुकाजी बांध विस्थापित संघर्ष समिति ने सोमवार को अपनी मांगों को दोहराते हुए ददाहू में धरना-प्रदर्शन करके बांध प्रबंधन के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। विस्थापितों ने बांध प्रबंधन को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि उनकी मांगों को पूरे किए बिना वह रेणुका बांध का कार्य शुरू नहीं होने देंगे। उन्होंने परियोजना के निर्माण को लेकर सुरगों के टेंडर रद्द करने की भी मांग की। संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय ठाकुर, संयोजक विनोद ठाकुर व प्रेस सचिव योगेश ठाकुर के नेतृत्व में विस्थापित परियोजना कार्यालय में पहुंचे, जहां उन्होंने बांध प्रबंधन को खरी-खोटी सुनाने के साथ ही विस्थापितों की मांगों को लेकर उनसे जवाब मांगा। विस्थापितों का आरोप है कि जिन परिवारों को गृहविहीन की श्रेणी में आंका गया है। उनमें से अधिकतर विस्थापितों को अभी तक मुआवजा का भुगतान नहीं हुआ है। यही नहीं जो भूमि विस्थापितों के पुनर्वास के लिए जिले चार स्थानों पर खरीदी गई है। वह भूमि लोगों के रहने के लिए योग्य नहीं है और विस्थापित उस भूमि पर कतई नहीं बसेंगे। विस्थापितों ने कहा कि उनकी मांगों को पूरे किए बिना ही बांध प्रबंधन सुरंगों के टेंडर लगाकर परियोजना का कार्य शुरू करने फिराक में है। वह किसी भी सूरत में मांगों के पूरा हुए बिना परियोजना का कार्य शुरू नहीं होने देंगे और संघर्ष को उग्र रुप देने से भी पीछे नहीं हटेंगे। विस्थापितों ने कहा कि सुरगों के टैंडर लगाने से पूर्व बांध प्रबंधन ने संघर्ष समिति को विश्वास में नहीं लिया जबकि इन टैंडरों में भी बहुत सी खामियां हैं। जिसका खुलासा वह निर्माण कंपनियों के समक्ष भी करेंगे। परियोजना के महा प्रबंधक खेम सिंह ने आश्वासन देते हुए कहा कि विस्थापितों की प्रत्येक मांग को बीओडी की बैठकों में प्रमुखता से रखा गया जिनको चरणबद्ध तरीके से पूरा किया भी जा रहा है और बहुत सी मांगे पूरी कर भी दी गई है। शेष मांगों को भी शीघ्र पूरा किया जाएगा। इस मौके पर परियोजना से जुड़े अन्य अधिकारी व विस्थापित मौजूद रहे।