सिरमौर के द्राबिल से पश्मी के लिए चालदा महासू महाराज की देव यात्रा रविवार सायं करीब 3:30 बजे शुरू हुई। देवयात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। अपने ईष्ट देवता की ए झलक पाने के लिए श्रद्धालुओं का हुजुम उमड़ा पड़ा। मान्यता है कि देवता के छत्र के स्पर्श और उसके नीचे से निकलने पर सारी नकारात्मक और बुरी शक्तियां नष्ट हो जाती है। पश्मी मंदिर में देर रात तक चालदा महाराज स्थापित होंगे और एक वर्ष तक यहां रहेंगे। इससे पहले रविवार तड़के 3 बजे महाराज द्राबिल पहुंचे। अपने ईष्ट देवता की एक झलक पाने के लिए श्रद्धालु तीन बजे तक लाइन में खड़े रहे।