जिला मुख्यालय नाहन में शुक्रवार को महर्षि वाल्मीकि चौक पर स्वागत गेट लगाने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हिंसक संघर्ष में बदल गया। वाल्मीकि मोहल्ला और गोविंदगढ़ मोहल्ला के सैकड़ों लोग आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच पत्थरबाजी शुरू हो गई। इस दौरान ईंटों, लाठियों-डंडों और कांच की बोतलों से भी हमले किए गए। संघर्ष में एसएचओ नाहन समेत कई पुलिस कर्मचारियों और अन्य लोगों के घायल होने की सूचना है। हालात बिगड़ने पर पुलिस और प्रशासन को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा। जानकारी के अनुसार, महर्षि वाल्मीकि चौक पर सड़क के बीच स्वागत गेट स्थापित करने को लेकर विवाद शुरू हुआ था। कुछ ही देर में दोनों मोहल्लों के लोग आमने-सामने आ गए और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को तितर-बितर करने और संघर्ष रोकने का प्रयास किया, लेकिन हालात लगातार बिगड़ते रहे। स्थिति को संभालने के लिए एसडीएम नाहन, डीएसपी मुख्यालय और एएसपी नरेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासन और पुलिस की टीमों ने स्थिति नियंत्रित करने के प्रयास किए। हिंसक झड़प के दौरान तहसीलदार नाहन के वाहन पर भी पथराव किया गया, जिससे गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इसके अलावा, क्षेत्र में एक कबाड़ की दुकान में आग लगाए जाने की भी सूचना है। पथराव के दौरान पुलिस कर्मचारियों को भी चोटें आईं। भीड़ को नियंत्रित करने और उपद्रव रोकने के लिए प्रशासन ने वाटर कैनन का सहारा लिया। संघर्ष के कारण नाहन शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। शहर से गुजरने वाले नेशनल हाईवे पर वाहनों की आवाजाही बाधित होने से सैकड़ों लोग अपने वाहनों में फंसे रहे। करीब दो घंटे तक यातायात ठप रहने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। घटनास्थल पर पुलिस बल तैनात रहा और प्रशासन की ओर से हालात सामान्य करने के प्रयास किए गए।