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Sirmour News: 18वीं भगवान श्री जगन्नाथ रथ यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब, बूंदाबांदी के बीच 'जय जगन्नाथ' से गूंजा शहर

Ankesh Dogra Updated Sun, 19 Jul 2026 03:30 PM IST

उत्तर भारत के सबसे प्राचीन भगवान श्री जगन्नाथ मंदिर से रविवार को 18वीं भगवान श्री जगन्नाथ रथ यात्रा पूरे धार्मिक उत्साह और भव्यता के साथ निकाली गई। पुरी धाम की परंपरा पर आधारित इस ऐतिहासिक रथ यात्रा में हिमाचल सहित विभिन्न राज्यों से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और भगवान जगन्नाथ, बलभद्र एवं देवी सुभद्रा के रथ को खींचकर आशीर्वाद प्राप्त किया। हल्की बूंदाबांदी भी श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह को कम नहीं कर सकी। पूरा नाहन शहर 'जय जगन्नाथ' के जयघोष, भजन-कीर्तन और ढोल-नगाड़ों की गूंज से भक्तिमय माहौल में सराबोर हो गया। वर्ष 2009 में शुरू हुई नाहन की भगवान श्री जगन्नाथ रथ यात्रा आज उत्तर भारत के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में अपनी अलग पहचान बना चुकी है। इस वर्ष आयोजित 18वीं रथ यात्रा में हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों के अलावा हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। रथ यात्रा से पहले ऐतिहासिक चौगान मैदान में भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा का विशेष श्रृंगार और विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद सुसज्जित रथ पर विराजमान विग्रहों के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। जैसे ही रथ यात्रा प्रारंभ हुई, श्रद्धालुओं ने श्रद्धा के साथ रथ की रस्सियां थाम लीं। महिलाएं, युवा, बच्चे और बुजुर्ग भजन-कीर्तन की धुन पर झूमते नजर आए। हल्की बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था और पूरा शहर भक्ति के रंग में रंग गया। रथ यात्रा के मार्ग पर घरों की छतों, बालकनियों और सड़क किनारे बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान के दर्शन के लिए मौजूद रहे। यात्रा जहां-जहां से गुजरी, वहां श्रद्धालुओं ने हाथ जोड़कर भगवान का आशीर्वाद लिया। रथ यात्रा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन और स्वयंसेवकों ने सुरक्षा एवं यातायात की व्यापक व्यवस्था संभाली। यात्रा निर्धारित मार्ग से बिना किसी व्यवधान के संपन्न हुई। नाहन की भगवान श्री जगन्नाथ रथ यात्रा अब केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि शहर की सांस्कृतिक पहचान बन चुकी है। हर वर्ष बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या इस आयोजन के प्रति लोगों की गहरी आस्था और लोकप्रियता को दर्शाती है।

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