हाटी समिति का किसी भी जाति, वर्ग या समुदाय से कोई मतभेद नहीं है। समिति केवल अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही है। इसके जल्द ही सुखद परिणाम सामने आएंगे। यह बात केंद्रीय हाटी समिति के अध्यक्ष डॉ. अमीचंद कमल ने शनिवार को ददाहू में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। उन्होंने कहा कि हाटी समुदाय से संबंधित उच्च न्यायालय में चल रहे मामले को लेकर कुछ लोगों में भ्रांतियां हैं। न्यायालय अपना काम कर रहा है और जल्द ही सकारात्मक परिणाम आने की उम्मीद है। आवश्यकता पड़ने पर मामले को सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष भी रखा जाएगा। इसकी तैयारियां भी की जा रही हैं। डॉ. अमीचंद ने कहा कि हाटी समुदाय का वर्षों से चला आ रहा संघर्ष व्यर्थ नहीं जाएगा। उन्होंने दावा किया कि आरजीआई की रिपोर्ट हाटी समुदाय के पक्ष में है और केंद्र सरकार भी उनके समर्थन में खड़ी है। बैठक में हाटी जनजातीय कानून को लेकर उच्च न्यायालय में चल रही सुनवाई के संबंध में जानकारी साझा की गई। इस दौरान केंद्रीय हाटी समिति की उप इकाइयों की प्रगति, आय-व्यय रिपोर्ट और संगठनात्मक गतिविधियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। सदस्यता नवीनीकरण सहित हाटी समुदाय से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर आगामी रणनीति तैयार की गई। बैठक में कर्नल नरेश चौहान, रण सिंह चौहान, अमर सिंह नेगी, शिवानंद शर्मा, सुरेंद्र हिंदुस्तानी, योगराज चौहान, भीम सिंह चौहान, गीता राम तोमर, खजाना सिंह ठाकुर, शिव चंद चौहान, रविंद्र चौहान, हरदेव वर्मा, गुमान सिंह, विजय सिंह पुंडीर, रमेश वर्मा, मुंशी राम और कुंदन शास्त्री सहित विभिन्न इकाइयों के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।