मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रामपुर बुशहर में विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने शिक्षा, पर्यटन, सामाजिक समानता, शिक्षकों की गैर-शैक्षणिक ड्यूूटी और नशे सहित विभिन्न विषयों पर मुख्यमंत्री से सवाल पूछे व अपनी मांगें भी रखीं। एक छात्रा ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रचौली के भवन निर्माण का आग्रह किया। छात्रा ने बताया कि विद्यालय वर्तमान में दो स्थानों पर संचालित हो रहा है तथा एक स्थान पर पर्याप्त भूमि उपलब्ध है, जहां विद्यालय भवन का निर्माण किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने मांग को स्वीकार करते हुए विद्यालय भवन निर्माण के लिए दो करोड़ रुपये प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यदि भवन निर्माण के लिए इससे अधिक धनराशि की आवश्यकता होगी तो राज्य सरकार अतिरिक्त धनराशि भी उपलब्ध करवाएगी। एक अन्य छात्रा ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि उन्होंने राजनीति को ही देश सेवा का माध्यम क्यों चुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह राजनीति के माध्यम से देश सेवा कर रहे हैं। व्यक्ति को उसी क्षेत्र में कार्य करना चाहिए, जिसमें उसकी रुचि हो। उन्होंने बताया कि छात्र जीवन से ही उनकी रुचि राजनीति में रही है और राजनीति भी जनसेवा का एक माध्यम है। एक विद्यार्थी ने सवाल किया कि यदि वह राजनीति में नहीं होते तो क्या करते। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह खेती-बाड़ी करते। समाज में बढ़ती अमीर-गरीब की खाई से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने इसे चिंतनीय विषय बताया। उन्होंने कहा कि समाज में समानता आवश्यक है और राज्य सरकार इस दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है। एक अन्य विद्यार्थी ने मुख्यमंत्री से उनके पसंदीदा भोजन के बारे में पूछा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें हिमाचल के पारंपरिक स्थानीय व्यंजन पसंद हैं और सिड्डू उनका पसंदीदा व्यंजन है। एक विद्यार्थी ने पूछा कि क्या उन्होंने छात्र जीवन में कभी मुख्यमंत्री बनने के बारे में सोचा था। इस सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यक्ति जिस दिशा में कर्म और मेहनत करता है, उसी दिशा में रास्ते बनते जाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर मेहनत करने की प्रेरणा दी। एक विद्यार्थी ने रामपुर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर परिवर्तन हो रहा है। राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था में सुधार और गुणवत्तापूर्ण संस्थानों के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। छात्रों ने स्कूलों में शिक्षकों को लंबे समय तक गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाए जाने की ओर भी मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित किया और अवगत करवाया कि इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस दिशा में सुधार कर रही है और प्रयास किया जा रहा है कि शिक्षकों की गैर-शैक्षणिक ड्यूूटी को कम किया जाए ताकि वे विद्यार्थियों को अधिक समय दे सकें।