शिमला जिले की ननखड़ी तहसील की बड़ाच पंचायत के नावण गांव में तीन भालू पिंजरे में कैद हो गए। सूचना मिलने के बाद वन विभाग के अधिकारी और चिकित्सक मौके पर पहुंचे। भालुओं को बेहोश कर उन्हें टूटीकंडी शिमला स्थित रेस्क्यू सेंटर भेजा गया। हजारों ग्रामीणों ने अब राहत की सांस ली है। गौर हो कि नावण गांव में 23 नवंबर से भालुओं के रिहायशी इलाकों में घूमने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीण डर के साये में जीने को मजबूर थे और खेतों में जाने से भी कतरा रहे थे। भालू ने गांव में मधुमक्खी की पेटियों और गाय को भी नुकसान पहुंचाया था। कई गोशालाओं को भी क्षतिग्रस्त किया था। ग्रामीणों ने वन विभाग को इसको सूचना दी और वन विभाग ने गांव में पिंजरा स्थापित किया। इसके परिणाम स्वरूप भालू पिंजरे में फंस गए। ग्रामीणों के सहयोग और वन विभाग की कोशिश के बाद तीन भालू एक साथ पकड़े गए। ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। वन विभाग के साथ पशुपालन विभाग से भी से चिकित्सक मौके पर पहुंचे, जिसमें सबसे पहले डॉक्टर ने भालू को बेहोश किया और उसके बाद दूसरे पिंजरे में डालकर वन विभाग ने तीनों भालुओं को शिमला रवाना किया। ग्रामीणों ने वन विभाग का आभार जताया है। उधर, रेंज अधिकारी ननखड़ी नरेंद्र ठाकुर ने कहा कि इन तीनों भालुओं को शिमला टूटीकंडी रेस्क्यू सेंटर ले जाया जाया गया है। बाद भालुओं को जंगल में छोड़ दिया जाएगा।