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मंडी: आर्थिक तंगी के बीच बच्चों के सपनों को पंख दे रही सुख शिक्षा योजना

आर्थिक तंगी के बीच बच्चों की पढ़ाई और परवरिश का खर्च उठाना एकल माता-पिता के लिए बड़ी चुनौती होती है। ऐसे परिवारों के लिए इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना सहारा बन रही है। सुंदरनगर के अंबेडकर वार्ड की भावना देवी को भी इस योजना से अपने दो बच्चों की पढ़ाई जारी रखने में मदद मिल रही है। भावना देवी एकल माता हैं। उनका बेटा आर्यन छठी और बेटी आयशा आठवीं कक्षा में पढ़ रही है। सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण बच्चों की पढ़ाई, किताबों और अन्य जरूरतों का खर्च उठाना मुश्किल हो रहा था। वर्ष 2024 में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से योजना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने आवेदन किया। अब दोनों बच्चों के लिए उन्हें एक-एक हजार रुपये प्रतिमाह की सहायता मिल रही है। भावना देवी ने बताया कि योजना से बच्चों की पढ़ाई जारी रखने में काफी राहत मिली है। बाल विकास परियोजना अधिकारी सुंदरनगर पूनम चौहान ने बताया कि वर्ष 2026-27 में योजना के तहत 53.53 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं। इससे 435 बच्चे लाभान्वित हो रहे हैं। इनमें 402 बच्चों को प्रतिमाह एक हजार रुपये और 33 बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए सहायता दी जा रही है। योजना के तहत पात्र बच्चों को 18 वर्ष तक प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता मिलती है। 18 से 27 वर्ष तक पात्र युवाओं को सरकारी संस्थानों में निःशुल्क उच्च शिक्षा, छात्रावास और भोजन शुल्क की सुविधा भी दी जाती है। एसडीएम सुंदरनगर अमर नेगी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि आर्थिक परिस्थितियां किसी बच्चे की शिक्षा में बाधा न बनें और हर बच्चे को आगे बढ़ने का अवसर मिले। योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को शिक्षा के साथ बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।

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