ग्राम पंचायत खोली में मनरेगा मजदूरों को 14 दिन काम करने के बाद महज 48 रुपये प्रतिदिन मानदेय दिए जाने का मामला सामने आया है। हिमाचल किसान सभा मनरेगा लोकल कमेटी बालीचौकी ने मानदेय में कटौती की कड़े शब्दों में निंदा की है। किसान सभा ने इसे मनरेगा कानून और न्यूनतम मजदूरी के प्रावधानों की अवहेलना बताते हुए प्रशासन से मजदूरों को पूरा मानदेय जारी करने की मांग की है। किसान सभा का आरोप है कि ग्राम पंचायत खोली में मनरेगा मजदूरों ने 14 दिन कड़ी मेहनत से काम किया, लेकिन भुगतान के समय उनके मानदेय में बड़ी कटौती कर दी गई। मजदूरों को मात्र 48 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान किया गया। ग्राम पंचायत खोली के अध्यक्ष परस राम, सीटू ब्लॉक कमेटी सदस्य पूर्ण चंद और किसान सभा राज्य कमेटी सदस्य महेंद्र सिंह राणा ने कहा कि मनरेगा में काम का अधिकार मजदूरों ने संघर्ष के बाद हासिल किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रशासन शीघ्र मजदूरों को पूरा मानदेय जारी करे। ऐसा नहीं होने पर किसान सभा और मजदूर आने वाले समय में आंदोलन करेंगे। आंदोलन के दौरान उत्पन्न स्थिति की पूरी जिम्मेवारी प्रशासन की होगी।