लगातार बारिश और भूस्खलन से बुरी तरह प्रभावित किरतपुर-मनाली फोरलेन को लगभग 35 घंटे बाद आखिरकार सोमवार दोपहर तीन बजे यातायात के लिए बहाल कर दिया गया पर दोनों तरफ गाड़ियों का लंबा जाम देखने को मील रहा है पुलिस की निगरानी में गाड़ियों को निकाला जा रहा है। इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर पंडोह से लेकर नगवाई तक कई स्थानों पर भारी भुस्खलन और बादल फटने की घटनाओं के कारण मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया था। रविवार रात से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण सुबह 4 बजे से पंडोह डेम के पास, कैंची मोड़, जोगणी मोड़, हनोगी ब्रिज, झलोगी और थलोट (शालानाला) में पहाड़ों से बड़े-बड़े पत्थर और मलबा गिरने लगा, जिससे मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। लोक निर्माण विभाग और एनएचएआई की मशीनों ने त्वरित कार्यवाही शुरू की, लेकिन लगातार गिरते पत्थरों के कारण राहत कार्यों में भारी बाधा आई। शालानाला, औट, पनारसा, टकोली और नगवाई क्षेत्रों में बादल फटने की घटनाएं सामने आईं। एफकोंन कंपनी की कॉलोनी व ऑफिस, टकोली सब्ज़ी मंडी, और कई घर-दुकानें बाढ़ और मलबे की चपेट में आ गए। सड़कों पर पानी और मलबा भरने से फोरलेन मार्ग कई जगहों पर अवरुद्ध हो गया।वाहन चालकों ने रात गाड़ियों में ही बिताई। रविवार शाम तक जोगणी मोड़ और हनोगी ब्रिज व अन्य स्थानों के पास का मार्ग आंशिक रूप से बहाल कर दिया गया था। लेकिन दवाड़ा और झलोगी के पास भारी मलबा हटाने में विशेष कठिनाई आई। सोमवार दोपहर लगभग 1 बजे झलोगी मार्ग खुलने ही वाला था कि अचानक फिर से पत्थर गिरने लगे। आखिरकार दोपहर 3 बजे इस हिस्से को भी बहाल कर दिया गया।पंडोह पुलिस चौकी प्रभारी अनिल कटोच ने बताया कि मार्ग को खुला घोषित कर दिया गया है, लेकिन सफर करने वालों से अत्यधिक सावधानी बरतने की अपील की गई है। वैकल्पिक मार्गों की स्थिति भी खराब है और प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।