लेह-लद्दाख की दुर्गम और खतरनाक सड़कों पर एक बार फिर रोमांच और साहस का खेल देखने को मिलेगा। देश की प्रतिष्ठित मोटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिता रैली ऑफ हिमालय शनिवार को शुरू हो रही है। खास यह है कि इस बार यह रैली पहली बार 16703 फीट ऊंचे शिंकुला दर्रा को लांघेंगे। पहली बार यह रैली शिंकुला दर्रा से पदम और जांसकर घाटी से होकर गुजरेगी। रैली ऑफ हिमालय के आयोजक सुरेश राणा ने पत्रकार वार्ता में जानकारी दी कि रैली में देशभर से करीब 220 टीमें हिस्सा लेंगी। आयोजन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। रैली का फ्लैग ऑफ 26 सितंबर को मनाली के 15 मील स्थित देवलोक में होगा। इसके बाद प्रतिभागी हिमालय के दुर्गम क्षेत्रों से होते हुए ऊंचे दर्रों और चुनौतीपूर्ण मार्गों को पार करेंगे। जिस्पा, काजा, शिंकुला, कुंजूम दर्रा और पदम समेत कई दुर्गम इलाकों से गुजरने वाली यह रैली प्रतिभागियों के लिए बड़ी चुनौती होगी। आयोजकों के अनुसार 27 सितंबर को रैली काजा पहुंचेगी। 28 सितंबर को काजा से जिस्पा, 29 सितंबर को जिस्पा से पदम पहुंचेगी। पदम से रैली तेंजिला पास पहुंचने के बाद प्रतिभागी वापस पदम लौटेंगे, जहां 30 सितंबर को रैली का समापन होगा। उन्होंने कहा कि आयोजन का मुख्य उद्देश्य साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि हर साल रैली में देशभर से प्रतिभागियों की संख्या बढ़ रही है। दुर्गम हिमालयी क्षेत्रों में मोटर स्पोर्ट्स के रोमांच के साथ यह आयोजन इन क्षेत्रों की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन संभावनाओं को भी देश-दुनिया के सामने लाता है।