मिड-डे मील वर्करों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है, जिसके कारण वर्करों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यह मामला मिड-डे मील वर्कर यूनियन (संबंधित सीटू) के जिला स्तरीय सम्मेलन में प्रमुखता से वर्करों ने उठाया। मुख्य वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश में 4,35,000 बच्चों को रोजाना विद्यालयों को खाना बनता है। यह भोजन 21,500 वर्कर सेवा में रहकर बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ही सरकारों ने वर्करों का शोषण किया है। मिड-डे वर्करों को 12 माह का वेतन नहीं मिल रहा है।