कनीना। बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के चलते कनीना क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। बिजली न मिलने के कारण घरेलू बिजली उपकरण शोपीस बनकर रह गए हैं। वहीं, पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने से ग्रामीणों के सामने पानी का संकट खड़ा हो गया है। स्थिति का जायजा लेने के लिए एसडीएम डॉ. जितेंद्र अहलावत और डीएसपी संजय कुमार ने कनीना स्थित पावर हाउस का दौरा किया। जानकारी के अनुसार, बिजली विभाग के करीब 95 प्रतिशत कर्मचारियों के हड़ताल पर होने के कारण बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई है। बिजली आपूर्ति बाधित रहने से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को रोजमर्रा के कार्य निपटाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। घरों में पानी की व्यवस्था करने से लेकर अन्य जरूरी कामों के लिए लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। पेयजल संकट से ग्रामीण परेशान बिजली आपूर्ति ठप रहने का असर पेयजल व्यवस्था पर भी पड़ रहा है। पानी की मोटरें और अन्य उपकरण नहीं चलने से घरों में पानी की उपलब्धता प्रभावित हो रही है। इससे महिलाओं और गृहणियों को घरेलू कामकाज निपटाने में परेशानी हो रही है। वहीं, पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था करना भी चुनौती बन गया है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि बिजली आपूर्ति जल्द सामान्य होगी, ताकि उन्हें राहत मिल सके। सरसों की बिजाई में देरी की आशंका क्षेत्र में सरसों की बिजाई का काम भी चल रहा है। ऐसे में बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से खेतों में सिंचाई और अन्य कृषि कार्यों पर असर पड़ने की आशंका है। यदि बिजली संकट लंबे समय तक बना रहता है तो किसानों को सरसों की बिजाई में देरी का सामना करना पड़ सकता है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। अधिकारियों ने पावर हाउस का किया निरीक्षण एसडीएम डॉ. जितेंद्र अहलावत और डीएसपी संजय कुमार ने पावर हाउस कनीना पहुंचकर मौजूदा हालात का जायजा लिया। बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के बीच क्षेत्र में बिजली आपूर्ति और व्यवस्था से जुड़े हालात पर नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों को अब बिजली आपूर्ति बहाल होने का इंतजार है, ताकि पेयजल, घरेलू जरूरतों और कृषि कार्यों से जुड़ी समस्याओं से राहत मिल सके।