जुलाना: क्षेत्र में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के चलते लगातार दूसरे दिन भी हालात बिगड़े रहे। बिजली आपूर्ति बाधित होने से कस्बे और आसपास के गांवों में ब्लैकआउट जैसे हालात बने हुए हैं। बिजली और पेयजल संकट के कारण आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, जुलाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भी बिजली संकट का असर देखने को मिला। अस्पताल में पंखे नहीं चलने के कारण मरीजों को गर्मी के बीच बिना पंखे के इलाज करवाने के लिए मजबूर होना पड़ा। जुलाना बिजलीघर में कर्मचारियों का धरना लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। धरने की अध्यक्षता एचबीएसई वर्कर यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष विरेंद्र गोयत ने की। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए रोष प्रकट किया। कर्मचारियों की हड़ताल के चलते बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से लोगों की दिनचर्या भी अस्त-व्यस्त हो गई है। घरेलू कामकाज से लेकर व्यापारिक गतिविधियों तक पर इसका असर पड़ रहा है। बाक्स पेयजल संकट गहराया, खेतों से पानी ला रहे लोग बिजली आपूर्ति ठप होने से कस्बे और गांवों में पेयजल संकट भी गहरा गया है। बिजली के अभाव में पानी की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण लोगों को जरूरत के अनुसार पानी नहीं मिल पा रहा है। कई लोगों को पानी का इंतजाम करने के लिए खेतों की ओर रुख करना पड़ रहा है। पेयजल की किल्लत के चलते लोग बुग्गी में खेतों से पानी लाने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि बिजली नहीं होने से रोजमर्रा के जरूरी काम पूरे करना भी मुश्किल हो गया है। बाक्स अस्पताल में पंखे बंद, मरीज परेशान बिजली संकट का असर जुलाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी दिखाई दिया। अस्पताल में पंखे नहीं चलने से मरीजों और उनके साथ आए परिजनों को परेशानी झेलनी पड़ी। वार्ड 11 निवासी प्रवीन ने बताया कि वह शुक्रवार सुबह अपनी पत्नी सुदेश को इलाज के लिए अस्पताल लेकर आया था। सुबह से ही पंखा नहीं चल रहा था, जिसके कारण गर्मी में परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रवीन ने आरोप लगाया कि अस्पताल में जनरेटर होने के बावजूद मरीजों को हाथ से कपड़ा झलकर हवा करनी पड़ रही है। ऐसे में मरीजों को इलाज के दौरान भी असुविधा झेलनी पड़ रही है। बॉक्स जनरेटर चलाया था, परेशानी की जानकारी लेंगे: कार्यवाहक एसएमओ इस संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की कार्यवाहक एसएमओ डॉ. अंसुल ने बताया कि इन्वर्टर को चार्ज करने के लिए जनरेटर भी चलाया गया था। यदि किसी मरीज को परेशानी हो रही है तो वह इस संबंध में जानकारी लेंगी और समस्या का पता करेंगी। फोटो कैप्शन: 23 जुलाना 01: धरने पर नारेबाजी करते हुए कर्मचारी। 23 जुलाना 02: मालवी गांव में बुग्गी में पानी लेने जाती महिला। 23 जुलाना 03: सीएचसी में कपड़े से हवा करता मरीज का पति।