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हिसार: कल से जिलेभर में गणपति महोत्सव की धूम, तीन से 10 दिन तक होंगे आयोजन

हिसार। गणेश महोत्सव के शुभारंभ पर सोमवार को जिलेभर में गणपति बप्पा का आगमन होगा। तब वहां तीन से 10 दिन तक के गणपति महोत्सव आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए शहर में सड़कों के किनारे गणपति प्रतिमाओं के बाजार सजाए गए हैं। शहरी क्षेत्र के साथ ही हांसी, बरवाला, उकलाना तक के श्रद्धालु हिसार से खरीदकर गणेश प्रतिमाएं ले जा रहे हैं। शहर में मुख्य मार्गों समेत मिल गेट रोड पर भी फड़ लगाकर मूर्तियां बेची जा रहीं हैं। आकार और निर्माण सामग्री के आधार पर इनके दाम 100 से 9,000 रुपये तक हैं। मिट्टी, भूसा, बांस की लड़की, प्लास्टर ऑफ पेरिस और रंग निर्माण सामग्री में शामिल हैं। श्रद्धालु आशीष लावट ने बताया कि वह 14 से 18 तक पांच दिवसीय आयोजन कर रहे हैं लेकिन अन्य लोग, तीन, पांच, सात, 10 दिन तक भी गणपति पूजा करते हैं। मॉडल टाउन निवासी रवि कुमार ने बताया कि इस महोत्सव के दौरान सभी भक्त गणपति बप्पा के भजन, कीर्तन करेंगे। कई जगह भंडारा होगा। नागोरी गेट, राजगुरु मार्केट, ऋषिनगर, मिलगेट, आजादनगर, सूर्यनगर में पंडाल भी सजाए जाएंगे। कई महानगरों से आमंत्रित कलाकारों की ओर से विशेष झांकियां प्रस्तुत की जाएंगी जो आकर्षण का केंद्र रहेंगी। आयोजकों के मुताबिक दो दशक पहले तक महाराष्ट्र मूल के श्रद्धालु, कारोबारी, सैनिक, शिक्षक, शिक्षार्थी परिवार ही यह आयोजन करते थे लेकिन अब स्थानीय लोग भी कई जगह घरों और स्कूलों समेत कुछ जगह सार्वजनिक पंडाल सजाकर भी गणपति बप्पा का जयघोष कर रहे हैं। आयोजक और विशेष आकर्षण : गणपति महोत्सव के दौरान श्रद्धालु अपनी पसंद की प्रतिमाएं छांट रहे हैं। वह प्रतिमा की सुंदरता, मजबूती, इको फ्रेंडली बनावट को भी प्राथमिकता दे रहे हैं। प्रतिमा देखने आए लोग मूर्ति ले जाने से पहले वीडियो कॉल करके अपने परिजनों और साथियों की भी सहमति ले रहे हैं। छोटी मूर्तियों को लोग तत्काल अपने साथ ले जा रहे हैं जबकि बड़ी मूर्तियों की अग्रिम बुकिंग की जा रही है। कई आर्ट और म्यूजिकल ग्रुप विशेष झांकियां सजाएंगे। प्रस्तुत की जाने वाली महोत्सव का मुख्य आकर्षण होंगी। गणपति आगमन और विदाई पर रहेगा भावुक पल : गणपति का आगमन और विदाई पर भावुक करने वाला पल रहेगा। अब प्रतिमा को लाने के लिए आतुर रहते हैं। इस कारण गणपति को विदा करते समय अगले बरस तू जल्दी आना की मनौती मांगते हैं। गणपति हमारी मनोकामना पूरी करते हैं। - पिंकी, माॅडल टाउन मैं मोहल्ला सूर्यनगर स्थित अपने रिश्तेदारों के घर मिलने आई हूं। इसी दौरान उनके साथ यहां मूर्ति देखने आई हूं। पसंद आने पर गणपति की मूर्ति खरीदकर जाखल ले जाऊंगी। हमारी कई सहेलियां और पड़ोसी भी गणपति का पूजा करतीं हैं। - गीता, जाखल हमारी सहेलियों ने कीर्तन मंडली बनाई हैं। हम कई प्रकार के धार्मिक, सांस्कृतिक आयोजन करते रहते हैं। इनमें गणपति महोत्सव का विशेष स्थान है। इस दौरान होने वाले आयोजन लंबे समय से हमारी रुचि का विषय रहते हैं। - आशा, ऋषिनगर बरवाला में मूर्तियों का बाजार छोटा है। इस कारण वहां कम वैरायटी की मूर्तियां उपलब्ध हैं। दाम भी अधिक हैं जबकि यहां वाजिब दाम के साथ ही मूर्तियों की विविधता भी काफी अधिक है। इस कारण हम लोग 30 किमी दूर आए हैं। - रोहतास, हांसी रोड बरवाला गणपति का पूजन करना अच्छा लगता है। हम कुछ साल पहले महाराष्ट्र गए थे। हमने वहां सपरिवार गणपति महोत्सव में भाग लेकर भजन, कीर्तन किया था। उन यादों को सहेजने और यादों को ताजा रखने के लिए गणपति महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। - सपना, सेक्टर 16-17 मैं तीन साल से गणपति पूजन कर रही हूं। हर साल मूर्ति का आकार बढ़कर लिया जा रहा है। इस आयोजन में सभी परिजनों के साथ ही कई पड़ोसियों का भी हर सहयोग मिल रहा है। आयोजन के दौरान दिन-रात भजन, कीर्तन किए जा रहे हैं। - सुलोचना भाकर, न्यू ऋषिनगर

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