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हिसार में 1608 कर्मचारी हड़ताल पर, ग्रामीण इलाकों में 16 घंटे से बिजली सप्लाई ठप

हिसार। गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण में निजी कंपनी को समानांतर लाइसेंस देने के विरोध में हिसार सर्कल के 1608 कर्मचारी और अधिकारी तीन दिन की हड़ताल पर चले गए हैं। हड़ताल शुरू होते ही बुधवार रात 10 बजे के बाद से ही शहर के कई इलाकों में बिजली गुल हो गई। गांवों में 16 घंटे से ब्लैकआउट है। बिजली गुल होने से उपभोक्ता परेशान रहे। लोगों ने बिजली निगम के कंट्रोल रूम में फोन कर शिकायत दर्ज करानी चाही, लेकिन कंट्रोल रूम से उपभोक्ताओं को कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। हालांकि जिला प्रशासन के कंट्रोल रूम से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल होने का आश्वासन दिया गया। अब तीन दिन तक फाल्ट ठीक करने और नए कनेक्शन जारी करने जैसे काम प्रभावित होंगे। हिसार और हांसी में 57 सब स्टेशनों से बिजली सप्लाई होती है। शहर में आपूर्ति निजी एजेंसी के सहारे रहेगी, जबकि गांवों में ज्यादा दिक्कत आ सकती है। बिजली घरों में पुलिस तैनात बुधवार रात 10 बजे से ही बिजली घरों में एसए और एसएसए ने सीटें छोड़ दीं। एहतियात के तौर पर बिजली घरों पर पुलिस तैनात कर दी गई है। नोडल अधिकारी खुद हड़ताल पर बैठे विशेष बात यह है कि एसई अविनाश यादव को बिजली निगम प्रबंधन ने नोडल अधिकारी बनाया है। मगर वीरवार सुबह वह भी हड़ताल में शामिल होकर विद्युत सदन में चल रहे धरने में बैठ गए। विद्युत सदन के गेट पर कर्मचारियों और अधिकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। संयुक्त संघर्ष मोर्चा के नेता बलजीत बैनीवाल ने बताया कि सरकार यूटिलिटीज को प्राइवेट लोगों को देकर निजीकरण करना चाह रही है। मगर इससे आम जनता को नुकसान झेलना पड़ेगा। कर्मचारी नेता जसवंत सिंह ने कहा कि आज बिजली निगम जनता को जो सुविधाएं दे रहा है, वो निजीकरण होने पर नहीं मिलेंगी।

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