जिले में अब धान रोपाई और बिजाई की तैयारी हो चुकी है। रोपाई के लिए किसानों की ओर से धान की नर्सरी तैयार की जा रही है। 25 जून के बाद धान की रोपाई का कार्य शुरू होगा। हालांकि, खेतों की तैयारी में मौसम में बार-बार हो रहा बदलाव बाधा डाल रहा है। धान की पौध लगाने से जहां पानी की बचत होती है। वहीं, देरी से सिंचाई करने से खरपतवार की समस्या भी कम आती है।