भिवानी। जिला परिषद की जिला नागरिक अस्पताल आपात विभाग के सामने भारत भवन धर्मशाला की करीब 12 दुकानों की नीलामी में नियमों की अनदेखी उजागर हुई है। जिसमें करीब एक साल पहले असुरक्षित घोषित हो चुकी दुकानों को भी जिला परिषद ने नीलामी कराकर नए किरायेदारों को अलॉट कर दिया है। दिलचस्प बात तो यह भी है कि नीलामी नोटिस में भी इस बात का जिक्र किया है कि एक साल पहले ये दुकानें कंडम यानी असुरक्षित घोषित हो चुकी हैं। जिसमें दुकानदार को ही दीवार व छत गिरने पर जानमाल की हानि का खुद जिम्मेदार होना भी दर्शाया गया है। दरअसल शहर के नागरिक अस्पताल के आपात विभाग के सामने भारत भवन धर्मशाला 1974 में निर्मित की गई थी। धर्मशाला के आगे करीब 12 दुकानों का भी निर्माण कराया गया था। लंबे अर्से से इस धर्मशाला का संचालन एक ट्रस्ट के हाथों में रखा, मगर कुछ साल पहले ही जिला परिषद की भूमि पर बनी धर्मशाला और 12 दुकानों को अपने अधीन लेकर कब्जा लिया गया। जिला परिषद ने अपना कब्जा लेने के साथ ही पुराने दुकानदारों को चलता कर दिया। जिसमें कुछ दुकानदारों ने तो कोर्ट की शरण भी ली। इसी बीच जिला परिषद ने 27 अगस्त 2025 को इन दुकानों को असुरक्षित घोषित कर दिया। इसके ठीक एक साल बाद 26 अगस्त 2026 को जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की तरफ से नीलामी का नोटिस निकाला गया। इन असुरक्षित दुकानों की खुली नीलामी भी करा दी गई। जिसके नोटिस में बिंदु नंबर 24 में भी इसे असुरक्षित होने का जिक्र साफ-साफ किया गया है। नियमों के अनुसार किसी भी असुरक्षित भवन को नीलामी या फिर उपयोग में लाना सुरक्षित भवन नियमों के दायरे से बाहर है। इससे कभी भी कोई बड़ी जनहानि या अनहोनी हो सकती है। ----------------------------------------------------------------------- पहले भी नीलामी के हुए थे प्रयास जिला परिषद की दुकानों की नीलामी पहले भी कराई गई थी, लेकिन बोली के दौरान कुछ बोली दाताओं ने काफी ऊंची बोली लगा दी, लेकिन बाद में अलॉटमेंट के समय नहीं पहुंचे, जिसकी वजह से इनकी नीलामी नहीं हो पाई थी। --------------------------------------------------------------------------- वर्सन::::: नियमों के अनुसार कराई गई है दुकानों की बोली: अनीता मलिक जिला परिषद के अधीन आने वाली भारत भवन धर्मशाला की दुकानों की बोली नियमों के अनुसार हुई है। भले ही ये दुकान पुरानी हैं, लेकिन इनकी मरम्मत बोली अलॉट होने वाले को खुद करानी होगी। इसमें किसी नियम का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है। कुछ लोगों ने इन दुकानों को लेकर कोर्ट में केस डाले हैं, उन्हें शायद दिक्कत हो सकती है। -अनीता मलिक चेयरपर्सन जिला परिषद भिवानी। ------------------------------------------------------------------------- एक्सपर्ट ब्यू:::: किसी भी सरकारी या निजी भवन एवं दुकानों को निरीक्षण के बाद तकनीकी शाखा की तरफ से असुरक्षित घोषित कर दिया जाता है तो उसे दोबारा उपयोग में नहीं लाया जाता है। पीडब्ल्यूडी विभाग सर्वेक्षण के उपरांत काफी सरकारी भवनों को असुरक्षित घोषित करता है, जिसका दोबारा उपयोग वर्जित है। -लोकेश डागर कार्यकारी अभियंता पीडब्ल्यूडी विभाग। ------------------------------------------------------------------------