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मंत्री विज का खुलासा, परेड ग्राउंड में 10 मिनट में 135 सैनिकों को अंग्रेजों ने उतारा था मौत के घाट

अंबाला। हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने वीरवार को कैंट के पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह में नया खुलासा किया। उन्होंने राष्ट्रीय अभिलेखागार के तथ्यों को सामने रखा। उन्होंने बताया कि अंबाला में सितंबर 1857 में अंबाला छावनी की 5वीं और 60वीं नेटिव इन्फैंट्री के सैनिकों को परेड ग्राउंड में बुलाया गया था। इस दौरान हुई एक घटना में महज 10 मिनट के भीतर यूरोपीय सैनिकों की गोलीबारी में 135 सैनिक शहीद हो गए थे, 33 को बंदी बनाया गया और 40 सैनिक भागने में सफल रहे थे। उन्होंने कहा कि इस विद्रोह के बाद अंग्रेजों ने अपनी बंगाल आर्मी की 74 में से 54 रेजिमेंटों को भंग कर दिया था, जो इस बात का प्रमाण है कि अंबाला की इस घटना का इतिहास में कितना बड़ा योगदान था। उन्होंने कहा कि आगामी 5 नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अंबाला छावनी में निर्मित 1857 के भव्य शहीद स्मारक का लोकार्पण करेंगे। इसके साथ ही, हरियाणा सरकार ने प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को सरकारी खर्च पर यह ऐतिहासिक स्मारक दिखाने का बड़ा निर्णय लिया है, जिसके तहत रोजाना लगभग 50 बसों से छात्रों को यहां लाया जाएगा। ------------ एशिया का सबसे बड़ा क्रांति को समर्पित स्मारक ऊर्जा मंत्री ने कहा कि यह 22 एकड़ में फैला एशिया का सबसे बड़ा और 1857 की क्रांति को समर्पित देश का पहला स्मारक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस स्मारक को अंबाला में बनाने का मुख्य आधार कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के पूर्व प्रमुख डॉ. केसी यादव का शोध है, जिसके अनुसार 1857 की क्रांति की शुरुआत मेरठ से लगभग नौ घंटे पहले अंबाला छावनी से हो चुकी थी।

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