नगर निगम अधिकारियों की नजरों के सामने ढाई माह से सड़क खुदी पड़ी है, लेकिन इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। उपायुक्त के आवास के सामने सड़क की बदहाली से रोजाना गुजरने वाले लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
हालात ऐसे हैं कि लोग व्यवस्था को कोसते हुए निकलने को मजबूर हैं। हैरानी की बात यह है कि मुख्यमंत्री भी दो बार इस सड़क को देख चुके हैं। इसके बावजूद सड़क की मरम्मत नहीं होने से नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
कष्ट निवारण समिति की बैठक में शामिल होने के दौरान भी मुख्यमंत्री की इस सड़क पर नजर पड़ी थी। इसके बावजूद ढाई माह बीतने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो सका है। सड़क खुदी होने से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। खासकर उपायुक्त आवास के सामने स्थिति अधिक खराब बनी हुई है।
स्थानीय लोगों की नाराजगी इस बात को लेकर है कि जब अधिकारियों के आवास के सामने ही सड़क की यह स्थिति है और मुख्यमंत्री भी इसे देख चुके हैं, तो आम लोगों की समस्याओं के समाधान में कितनी गंभीरता बरती जा रही होगी। अब सवाल यह है कि नगर निगम के अधिकारी इस सड़क को दुरुस्त करने के लिए कब कदम उठाएंगे और लोगों को इस परेशानी से कब राहत मिलेगी।