कोरबा एसईसीएल की कुसमुंडा मेगा ओपनकास्ट खदान में हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। आज फर्स्ट शिफ्ट में एक बार फिर बड़ा हादसा हो गया। खदान के वी-5 अपर कुसमुंडा पैच में 100 टन क्षमता का डंपर अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे के बाद खदान में हड़कंप मच गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आज शुक्रवार सुबह फर्स्ट शिफ्ट में डंपर अपने नियमित कार्य पर था, तभी वी-5 के पास अचानक डंपर अनियंत्रित हुआ और पलट गया। हादसे में डंपर ऑपरेटर लक्ष्मी प्रसाद गंभीर रूप से घायल हो गया। साथी कर्मचारियों ने तत्काल उसे खदान से बाहर निकाला और एनकेएच अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि उसकी हालत फिलहाल स्थिर है।
कुसमुंडा खदान में यह कोई पहला हादसा नहीं है। कुछ दिन पहले ही एक डंपर में अचानक आग लग गई थी, जिसमें चालक ने कूदकर अपनी जान बचाई थी। इससे पहले भी कई बार डंपर पलटने, स्लाइडिंग और अन्य तकनीकी खराबी से हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई मजदूरों की जान तक जा चुकी है।
लगातार हो रही इन घटनाओं ने एसईसीएल प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। खदान में सुरक्षा के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई जा रही है। सूत्रों की मानें तो ओवरलोड, खराब सड़क, वाहनों का उचित मेंटेनेंस न होना और सुरक्षा मानकों की अनदेखी हादसों की बड़ी वजह है।
वहीं कर्मचारियों में भी इस घटना के बाद आक्रोश है। उनका कहना है कि प्रबंधन उत्पादन के दबाव में सुरक्षा को नजरअंदाज कर रहा है। हर बार हादसे के बाद जांच की बात कही जाती है, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होती, जिसके कारण हादसे दोहराए जा रहे हैं।
फिलहाल प्रबंधन ने इस पूरे मामले में जांच शुरू कर दी है। देखना होगा कि इस बार जांच के बाद सुरक्षा के क्या इंतजाम किए जाते हैं या फिर यह भी महज कागजी खानापूर्ति बनकर रह जाएगा।