छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां रघुनाथ नगर स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में छात्रों को नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में सजा काट रहे आसाराम बापू की तस्वीर और प्रचार सामग्री युक्त पुस्तकें बांटी गईं। इस बात की जानकारी मिलते ही छात्र-छात्राओं के परिजनों में भारी आक्रोश फैल गया है और मामला तूल पकड़ता जा रहा है।
परिजनों ने उठाए प्राचार्य की कार्यशैली पर सवाल
स्कूल में पढ़ने वाले एक छात्र के अभिभावक ने नाराजगी जाहिर करते हुए बताया कि विद्यालय के प्राचार्य प्रजापति द्वारा बच्चों को यह पुस्तिका बांटी गई है। परिजनों का आरोप है कि यह सामग्री सीधे तौर पर आसाराम का प्रचार करने और उनके अनुयायी बनने की सीख देने जैसी है।
अभिभावकों ने कहा कि आसाराम गंभीर आपराधिक मामले में दोषी होकर जेल में बंद हैं, ऐसे में एक सरकारी संस्थान में उनकी तस्वीर या प्रचार से जुड़ी कोई भी सामग्री वितरित किया जाना पूरी तरह से अनुचित और नियम विरुद्ध है।
डीईओ ने दिए जांच के निर्देश,उच्चाधिकारियों को दी जानकारी
मामले के तूल पकड़ने के बाद जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है। बलरामपुर के जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) नरेंद्र निरापुरे ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आ चुका है।
डीईओ ने कहा, स्कूल में आसाराम बापू की तस्वीर युक्त पुस्तक वितरित किए जाने की जानकारी मिली है। इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित विकासखंड शिक्षा अधिकारी से तत्काल पूरी रिपोर्ट तलब की गई है। साथ ही पूरे मामले से उच्चाधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया है। जांच रिपोर्ट आते ही जो भी वैधानिक और उचित कार्रवाई होगी, वह सुनिश्चित की जाएगी।
फिलहाल मामले की जांच की जा रही है, लेकिन एक प्रतिष्ठित सरकारी स्कूल में इस प्रकार की विवादित सामग्री के वितरण ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।