फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरकार ने पेट्रोल, डीजल और ATF पर एक्सपोर्ट लेवी घटाई, कम होंगे पेट्रोल-डीजल के दाम!

Thu, 17 Sep 2026 06:00 AM IST
Bhaskar Tiwari वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी ATF को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, अगले दो सप्ताह के लिए इन पेट्रोलियम उत्पादों पर लगने वाली एक्सपोर्ट लेवी में कटौती की गई है। नई दरें 1 सितंबर से लागू दरों की तुलना में कम हैं। सरकार के इस फैसले के तहत पेट्रोल पर एक्सपोर्ट लेवी में 1 रुपये प्रति लीटर, डीजल पर 5 रुपये प्रति लीटर और ATF पर 4 रुपये प्रति लीटर की कमी की गई है। एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, नए बदलाव के बाद पेट्रोल पर एक्सपोर्ट लेवी 1.5 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 0.5 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। इसी तरह डीजल पर लगने वाली एक्सपोर्ट लेवी 25 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 20 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है।

 वहीं, एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी ATF पर एक्सपोर्ट ड्यूटी को 19 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 15 रुपये प्रति लीटर किया गया है। सरकार का यह संशोधन फिलहाल अगले दो सप्ताह की अवधि के लिए लागू रहेगा। डीजल पर लागू पिछली 25 रुपये प्रति लीटर की लेवी की संरचना भी महत्वपूर्ण है। इसमें 24 रुपये प्रति लीटर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी यानी SAED और 1 रुपये प्रति लीटर रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस यानी RIC शामिल था। नई व्यवस्था के तहत डीजल पर कुल एक्सपोर्ट लेवी को घटाकर 20 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। इसी तरह पेट्रोल और ATF पर भी निर्यात से जुड़ी लेवी में कमी की गई है। एक्सपोर्ट लेवी मुख्य रूप से देश से बाहर भेजे जाने वाले पेट्रोलियम उत्पादों पर लागू होती है, इसलिए इसका सीधा असर घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों पर पड़ना जरूरी नहीं है। यानी केवल एक्सपोर्ट लेवी घटने के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि देश में पेट्रोल और डीजल के दाम तुरंत कम हो जाएंगे। घरेलू ईंधन कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के दाम, विदेशी मुद्रा विनिमय दर, टैक्स, तेल कंपनियों की कीमत निर्धारण नीति और अन्य बाजार परिस्थितियों का भी प्रभाव पड़ता है। सरकार के इस फैसले से हालांकि पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात से जुड़े कारोबारियों पर लगने वाला शुल्क कम होगा। खास तौर पर डीजल और ATF पर लेवी में कटौती की गई है, जबकि पेट्रोल पर भी शुल्क को काफी कम किया गया है। अगले दो सप्ताह में इस बदलाव का प्रभाव निर्यात कारोबार और पेट्रोलियम बाजार पर देखने को मिल सकता है। ऐसे में उपभोक्ताओं की नजर अब घरेलू पेट्रोल-डीजल कीमतों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के बाजार और आगे सरकार की ओर से जारी होने वाले फैसलों पर रहेगी।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें