बफरिंग की छुट्टी: यूट्यूब ला रहा है नया AV2 सपोर्ट, स्लो इंटरनेट में भी बिना रुके चलेंगे हाई-क्वालिटी वीडियो

नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीनीतीश कुमार
Wed, 28 Oct 2026 03:49 PM IST
सार

यूट्यूब 2027 तक नया AV2 वीडियो स्ट्रीमिंग कोडेक पेश करने की तैयारी में है। यह मौजूदा तकनीक से 30% ज्यादा एडवांस है, जिससे कम डेटा में भी बेहतर वीडियो क्वालिटी मिलेगी। फेसबुक और इंस्टाग्राम भी इसे अपनाने वाले हैं। आइए जानते हैं कि यह नई तकनीक कैसे काम करेगी।

youtube to introduce av2 video streaming codec in 2027 high quality playback
यूट्यूब - फोटो : एआई

    विस्तार

    दुनिया के सबसे बड़े वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म यूट्यूब (YouTube) पर वीडियो देखने का अंदाज बहुत जल्द बदलने वाला है। अगर आपको अक्सर खराब नेटवर्क या स्लो इंटरनेट की वजह से बफरिंग का सामना करना पड़ता है, तो कंपनी आपके लिए एक पक्का जुगाड़ लेकर आ रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूट्यूब साल 2027 की शुरुआत में अपने प्लेटफॉर्म पर AV2 वीडियो कोडेक स्ट्रीमिंग शुरू कर सकता है। इससे यूजर्स को कम डेटा खर्च में हाई-क्वालिटी और स्मूद वीडियो प्लेबैक का शानदार अनुभव मिलेगा।

    AV2 कोडेक क्या है और यह कैसे बदल देगा आपका अनुभव?

    AV2 (AOMedia Video 2) एक लेटेस्ट और एडवांस वीडियो कंप्रेशन तकनीक है। सरल भाषा में समझें तो यह भारी-भरकम वीडियो फाइल्स को बिना उनकी क्वालिटी गिराए छोटे साइज में सिकोड़ देता है। यह यूट्यूब पर फिलहाल इस्तेमाल हो रहे AV1 कोडेक से करीब 30 फीसदी ज्यादा कारगर है। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर आपके पास तेज इंटरनेट नहीं है, तब भी वीडियो बिना रुके और बेहतरीन पिक्सल क्वालिटी में चलेगा।

    यूट्यूब के सीटीओ (CTO) डेस कीन ने AOMedia की एक घोषणा के दौरान इसकी जानकारी दी है। बता दें कि जून 2026 में पेश किए गए इस AV2 कोडेक में शानदार हाई डायनामिक रेंज (HDR), ज्यादा फ्रेम रेट, मल्टीस्ट्रीम वीडियो और मल्टीपल कैमरा एंगल जैसे कई धांसू फीचर्स का सपोर्ट मिलता है। मार्च 2026 के आंकड़ों के अनुसार, यूट्यूब का 90% से ज्यादा वॉच-टाइम कैटलॉग पुराने AV1 कोडेक पर ही चल रहा है, जिसे अब अपग्रेड किया जाएगा।

    अभी सिर्फ वेब वर्जन के लिए है प्लानिंग

    अगर आप सोच रहे हैं कि यह फीचर आपके स्मार्टफोन या स्मार्ट टीवी में कब आएगा, तो आपको थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है। यूट्यूब ने 2027 का यह टारगेट फिलहाल सिर्फ अपने वेब वर्जन (कंप्यूटर/लैपटॉप) के लिए सेट किया है। मोबाइल ऐप्स और स्मार्ट टीवी पर इसके रोलआउट को लेकर अभी कोई आधिकारिक टाइमलाइन शेयर नहीं की गई है।

    हार्डवेयर को लेकर क्या है चुनौती?

    तकनीक जितनी नई होती है, चुनौतियां भी उतनी ही बड़ी होती हैं। गूगल ने CES 2026 में क्रोम ब्राउजर पर AV2 प्लेबैक का डेमो तो दिखा दिया था, लेकिन अभी तक इसका स्टेबल वर्जन लॉन्च नहीं हुआ है। दूसरी ओर, फिलहाल बाजार में ऐसा कोई भी कंज्यूमर ग्राफिक्स कार्ड (GPU) या स्मार्ट टीवी मौजूद नहीं है जो हार्डवेयर लेवल पर AV2 डिकोडिंग को सपोर्ट करता हो।

    चूंकि शुरुआत में सारा लोड कंप्यूटर के प्रोसेसर (CPU) पर पड़ेगा, इसलिए यह काम आसान नहीं होगा। वीडियो प्लेयर कंपनी VideoLAN के अनुमान के मुताबिक, नए AV2 वीडियो को प्रोसेस करने में पुराने AV1 के मुकाबले सीपीयू को पांच गुना ज्यादा मेहनत करनी पड़ेगी।

    मेटा भी है रेस में शामिल

    वीडियो स्ट्रीमिंग की इस क्रांति में सिर्फ यूट्यूब ही नहीं, बल्कि इंटेल और मेटा जैसी दिग्गज कंपनियां भी हाथ आजमा रही हैं। इंटेल इसके सॉफ्टवेयर वर्जन SVT-AV2 के विकास में मदद कर रहा है। वहीं, मार्क जुकरबर्ग की कंपनी मेटा ने भी एलान कर दिया है कि वे जल्द ही फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे अपने प्लेटफॉर्म्स पर वीडियो अनुभव को बेहतर बनाने के लिए AV2 कोडेक को अपनाएंगे।

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