वैज्ञानिकों ने बनाई दुनिया की सबसे छोटी हार्ड डिस्क, समा जाएंगी दुनिया की सभी किताबें

एजेंसी/लंदन
Wed, 20 Jul 2016 03:42 AM IST
scientists have created the world smallest hard disk

    नीदरलैंड के वैज्ञानिकों ने सिंगल एटम इस्तेमाल कर दुनिया की सबसे छोटी हार्ड डिस्क बनाई है। सिंगल क्लोरीन एटम पर आधारित डाक टिकट के आकार वाले इस डिस्क में अब तक लिखी गई सभी किताबें को स्टोर किया जा सकता है।

    मौजूदा समय में हर दिन एक अरब गीगाबाइट से ज्यादा नए डाटा का सृजन हो रहा है। इतनी बड़ी मात्रा में डाटा को स्टोर करने के लिए जरूरी है कि प्रत्येक बिट जितना संभव हो सके उतरना कम स्थान ले।

    नीदरलैंड में डेफ्ट यूनिवर्सिटी के कावली इंस्टीच्यूट ऑफ नैनोसाइंस के वैज्ञानिकों ने एक किलोबाइट (8000 बिट्स) की मेमोरी बनाने में सफलता हासिल की है। इसमें प्रत्येक बिट एक क्लोरीन परमाणु की स्थिति को दर्शाता है।

    चीफ वैज्ञानिक सैंडर ओट ने कहा, ‘इस स्टोरेज क्षमता से दुनिया भर में आज तक लिखी गई सभी किताबें एक छोटे से हार्ड डिस्क में स्टोर हो जाएंगी। इस हार्ड डिस्क की स्टोरेज क्षमता 500 टेराबाइट्स प्रति वर्ग इंच है।

    यह मौजूदा व्यवसायिक हार्ड डिस्क की क्षमता से पांच सौ गुना ज्यादा है। ’ वर्ष 1959 में जाने-मौन भौतिकविद रिचर्ड फिनमैन ने पहली बार इसकी कल्पना की थी। सैंडर ओट ने कहा कि एटम की सतह की जांच के लिए नीडल युक्त स्कैनिंग टनलिंग माइक्रोस्कोप (एसटीएस) का इस्तेमाल किया गया है।

    क्लोरीन एटम के छिद्र के ऊपर होने की स्थिति में उसकी संख्या एक मानी जाती है और नीचे होने पर उसे शून्य माना जाता है। इसकी मेमोरी आठ बाइट (16 बिट्स) के ब्लॉक में व्यवस्थित की गई है।

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