सर्वे: एआई के लिए तैयार नहीं भारतीय कंपनियां; सिर्फ 3% का डेटा ट्रेनिंग लायक, कर्मचारियों में भी स्किल की कमी
AI Momentum Survey 2026
भारतीय कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर निवेश बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं। डन एंड ब्रैडस्ट्रीट के सर्वे के मुताबिक, 69% कंपनियां अगले 12 महीनों में एआई पर खर्च बढ़ाएंगी। लेकिन सिर्फ 3% का सिस्टम बड़े स्तर पर एआई लागू करने के लिए तैयार है। कर्मचारियों की स्किल और जोखिमों से निपटने की तैयारी भी कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।

विस्तार
भारत में कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को तेजी से अपना रही हैं और आने वाले एक साल में इस पर निवेश बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं। हालांकि, एआई पर ज्यादा खर्च करने के बावजूद कंपनियों के सामने एक बड़ी चुनौती है। उनके पास एआई को बड़े स्तर पर इस्तेमाल करने के लिए जरूरी डेटा और स्किल वाले कर्मचारी पर्याप्त संख्या में नहीं हैं। डन एंड ब्रैडस्ट्रीट के एक नए सर्वे में यह बात सामने आई है।
सर्वे के मुताबिक, भारत की करीब 69% कंपनियां अगले 12 महीनों में एआई पर अपना खर्च बढ़ाना चाहती हैं। लेकिन सिर्फ 3% कंपनियां मानती हैं कि उनका डेटा बड़े स्तर पर एआई लागू करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। यानी कंपनियां तकनीक पर पैसा लगाने को तैयार हैं, लेकिन उसके सही इस्तेमाल की बुनियादी तैयारी अभी अधूरी है।एआई पर निवेश बढ़ाने की तैयारी में भारतीय कंपनियां
- डन एंड ब्रैडस्ट्रीट (Dun & Bradstreet) की चौथी तिमाही के एआई मोमेंटम सर्वे के मुताबिक, भारतीय कंपनियों में एआई को लेकर दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है। करीब 10 में से 7 कंपनियां अगले एक साल में एआई से जुड़े खर्च में बढ़ोतरी करने की योजना बना रही हैं।
- सर्वे में शामिल 30% कंपनियों ने बताया कि उन्हें एआई से बड़े स्तर पर या मजबूत बिजनेस फायदे मिल रहे हैं। वहीं, 46% कंपनियों को कुछ खास कामों या विभागों में इसका फायदा दिख रहा है। इससे पता चलता है कि एआई से रिटर्न मिलना शुरू हो गया है, लेकिन इसका फायदा अभी सभी कंपनियों में एक जैसा नहीं है।
पायलट प्रोजेक्ट से आगे बढ़ रहा एआई का इस्तेमाल
- कंपनियां अब एआई को सिर्फ टेस्ट करने तक सीमित नहीं रख रही हैं, बल्कि इसे अपने रोजमर्रा के कामकाज में शामिल करने लगी हैं। सर्वे के मुताबिक, 35% कंपनियों के एआई पायलट प्रोजेक्ट प्रोडक्शन स्टेज में पहुंच रहे हैं। वहीं, 26% कंपनियों ने एआई को अपने कई मुख्य बिजनेस प्रोसेस का हिस्सा बना लिया है। सिर्फ 2% कंपनियों ने कहा कि उनके पास अभी कोई एआई प्रोजेक्ट नहीं है।
- इसके अलावा, करीब 70% कंपनियों को उम्मीद है कि अगली तिमाही में एआई की मदद से नए प्रोडक्ट, सर्विस, बिजनेस मॉडल या काम करने के तरीकों में सुधार देखने को मिलेगा। हालांकि, बड़े स्तर पर मजबूत रिटर्न मिलने की बात कहने वाली कंपनियों का आंकड़ा अभी सिर्फ 10% है।
सिर्फ 3% कंपनियों का डेटा एआई लागू करने के लिए तैयार
- एआई को सही तरीके से काम करने के लिए अच्छी क्वालिटी वाला और व्यवस्थित डेटा चाहिए। लेकिन भारतीय कंपनियों के लिए यही सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। सर्वे में 44% कंपनियों ने बताया कि उनका डेटा अभी पूरी तरह तैयार नहीं है। वहीं, 42% कंपनियों का कहना था कि उनका डेटा काफी हद तक तैयार हो चुका है। इसके मुकाबले सिर्फ 3% कंपनियां ऐसी हैं, जिनका डेटा एआई को बड़े स्तर पर लागू करने के लिए पूरी तरह तैयार है। वैश्विक स्तर पर यह आंकड़ा 8% है। यानी डेटा की पूरी तैयारी के मामले में भारतीय कंपनियां दुनिया के औसत से 5 प्रतिशत अंक पीछे हैं।
- सर्वे में एक और अहम बात सामने आई। जिन कंपनियों का डेटा एआई के लिए पूरी तरह तैयार है, उनके मजबूत या बड़े स्तर पर रिटर्न मिलने की संभावना उन कंपनियों के मुकाबले 6.3 गुना ज्यादा है, जिनका डेटा सिर्फ आंशिक रूप से तैयार है।
कर्मचारियों की एआई स्किल भी बन रही चुनौती
- एआई पर निवेश और तकनीक अपनाने के साथ कर्मचारियों को इसके इस्तेमाल के लिए तैयार करना भी जरूरी है। लेकिन इस मोर्चे पर भी भारतीय कंपनियां अभी पीछे हैं।
- सर्वे के मुताबिक, सिर्फ 25% कंपनियों ने माना कि उनके कर्मचारी एआई के इस्तेमाल के लिए मजबूत या बहुत अच्छी स्थिति में तैयार हैं। करीब आधी कंपनियों ने कर्मचारियों की क्षमताओं को मिला-जुला बताया। इसके अलावा, 44% कंपनियों का टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर भी एआई के इस्तेमाल के लिए आंशिक रूप से तैयार है।
- इसका मतलब है कि सिर्फ AI टूल खरीदना काफी नहीं होगा। कंपनियों को कर्मचारियों की ट्रेनिंग, डेटा मैनेजमेंट और तकनीकी ढांचे पर भी निवेश करना होगा।
एआई से जुड़े जोखिमों को लेकर कंपनियों में भरोसा कम
- एआई के इस्तेमाल के साथ डेटा सुरक्षा, गलत नतीजों और दूसरे संभावित जोखिमों को संभालना भी जरूरी है। लेकिन कंपनियों को इस मामले में अभी पूरी तरह भरोसा नहीं है।
- सर्वे में सिर्फ 29% कंपनियों ने कहा कि उन्हें एआई से जुड़े जोखिमों की पहचान करने, उन पर नजर रखने और उन्हें कम करने की अपनी क्षमता पर मजबूत या बहुत ज्यादा भरोसा है। वहीं, 53% कंपनियों ने इस मामले में मध्यम स्तर का भरोसा जताया।
- डन एंड ब्रैडस्ट्रीट के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट, ग्लोबल बिजनेस ऑपरेशंस एंड ट्रांसफॉर्मेशन और भारत एवं ताइवान के मैनेजिंग डायरेक्टर व सीईओ जूलियन प्रोवर के मुताबिक, एआई को जिम्मेदारी से और बड़े स्तर पर अपनाने के लिए भरोसेमंद डेटा, बेहतर डेटा मैनेजमेंट और एआई के लिए तैयार कर्मचारियों की जरूरत होगी।
- यह सर्वे 32 देशों की 10,000 कंपनियों को शामिल करके किया गया है। इसमें कंपनियों के बीच एआई का इस्तेमाल, निवेश, प्रोजेक्ट की स्थिति और उससे मिलने वाले बिजनेस फायदे को समझने की कोशिश की गई है।
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