Google: गूगल ने क्वांटम कंप्यूटर की क्षमता दर्शाई, 2019 की क्षमता से 24.1 करोड़ गुना ज्यादा बताया
पारंपरिक कंप्यूटर में हर प्रकार की सूचना या डाटा बाइनरी कोडिंग (0 और 1 अंकों) में रखे जाते हैं, यह बुनियादी इकाई बाइट कहलाती है। क्वांटम कंप्यूटर में बाइट्स की जगह क्यूबिट्स उपयोग होते हैं। क्यूबिट की खासियत है कि वे 0 या 1 में से कोई भी हो सकते हैं।

विस्तार
गूगल ने मौजूदा वक्त के सबसे तेज सुपर कंप्यूटर पर 47 साल की क्वांटम सुप्रीमेसी का नया दावा किया है। सुपर कंप्यूटर के मुकाबले क्वांटम कंप्यूटर कितनी तेजी से गणना कर सकते हैं, उसे ‘क्वांटम सुप्रीमेसी’ (सर्वोच्चता) कहा जाता है। गूगल के नये दावे के अनुसार उसने क्वांटम कंप्यूटर से जो गणना 6:18 सेकंड में की, उसे करने में आज के सबसे शक्तिशाली सुपर कंप्यूटर ‘फ्रंटियर’ को 47.2 साल लग जाएंगे। गूगल क्वांटम एआई और उससे जुड़े करीब 10 विश्वविद्यालयों के शोधकर्ताओं ने इसे लेकर विस्तृत वैज्ञानिक लेख प्रकाशित किया है। लेख के अनुसार गूगल का यह क्वांटम कंप्यूटर 70 क्यूबिट्स का है। क्यूबिट्स यानी क्वांटम बिट्स।
इसलिए क्वांटम करता है तेज गणना
पारंपरिक कंप्यूटर में हर प्रकार की सूचना या डाटा बाइनरी कोडिंग (0 और 1 अंकों) में रखे जाते हैं, यह बुनियादी इकाई बाइट कहलाती है। क्वांटम कंप्यूटर में बाइट्स की जगह क्यूबिट्स उपयोग होते हैं। क्यूबिट की खासियत है कि वे 0 या 1 में से कोई भी हो सकते हैं। इसी वजह से क्वांटम कंप्यूटर कहीं ज्यादा तेज गणना कर पाते हैं। गूगल ने 2019 में अपने क्वांटम कंप्यूटर को 53 क्यूबिट्स का बताया था। इस लिहाज से नया क्वांटम कंप्यूटर 24.10 करोड़ गुना शक्तिशाली कहा जा रहा है।
अब भी हैं कई चुनौतियां
गूगल व आईबीएम जैसी अमेरिकी कंपनियां और कई चीनी कंपनियां अपने क्वांटम कंप्यूटर को लेकर कई दावे कर रही हैं। लेकिन उन्हें व्यावहारिक रूप देना वैज्ञानिकों के लिए अब भी बड़ी चुनौती है। क्वांटम प्रोसेसर इनकी नींव कहे जाते हैं। इन्हें माइनस 273 डिग्री तापमान पर रखना होता है। गणना के दौरान कंप्यूटर को स्थिर वातावरण देना व बाहरी हस्तक्षेप न होने देना भी जरूरी है। यही इनके व्यावहारिक विकास व उपयोग में सबसे बड़ी बाधाएं मानी जा रही हैं। गूगल का नया दावा भी क्वांटम कंप्यूटर के रैंडम सर्किट सैंपलिंग नामक सिंथेटिक प्रक्रिया के आधार पर किया गया है। इसी में गूगल ने क्वांटम कंप्यूटिंग की क्षमता दिखाई है।
नए भविष्य की उम्मीद
दवा, टीकों से लेकर रसायनों का विकास तमाम चुनौतियों के बावजूद क्वांटम कंप्यूटर को मानव सभ्यता को एक भविष्य देने की क्षमता रखने वाली तकनीक कहा जा रहा है। इसकी लाखों करोड़ गुना तेज व गहन गणना क्षमता कैंसर सहित कई लाइलाज रोग ठीक करने वाले तत्व तलाशने में मदद कर सकती है। टीकों की तलाश में भी मदद मिल सकती हैं। रसायनों के अध्ययन व नये स्वरूप विकसित करने में यह काम आ सकते हैं।