सरकार ने भारत में टीवी चैनलों के अपलिंकिंग और डाउनलिंकिंग के दिशानिर्देश-2022 को दी मंजूरी
सूचना एवं प्रसारण सचिव अपूर्व चंद्र ने कहा कि हमने लगभग 11 वर्षों के बाद नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। हमने इसके लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी भी ली है।

विस्तार
केन्द्र सरकार ने टीवी चैनलों के लिए अनुपालन को आसान बनाते हुए अपलिंकिंग और डाउनलिंकिंग के दिशानिर्देश-2022 को मंजूरी दे दी है। अब भारतीय टेलीपोर्ट विदेशी चैनलों को अपलिंक कर सकते हैं। इससे पहले इन कार्यक्रमों के सीधे प्रसारण के लिए कोई पूर्व अनुमति नहीं थी। बता दें कि अपलिंकिंग और डाउनलिंकिंग के लिए दिशानिर्देश पिछली बार 2011 में जारी किए गए थे और इन्हें संशोधित करने की प्रक्रिया चल रही थी।
सूचना एवं प्रसारण सचिव अपूर्व चंद्र ने कहा कि हमने लगभग 11 वर्षों के बाद नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। हमने इसके लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी भी ली है। पिछले कुछ वर्षों में हमने जो सुधार किया है, उसके अनुसार हमने इज ऑफ डूइंग बिजनेस के मामले में भी कई सुधार किए हैं। अपूर्व चंद्रा ने कहा, हमने एक प्रावधान रखा है कि राष्ट्रीय महत्व या राष्ट्रीय हित की चीजों के लिए 30 मिनट का स्लॉट दिया जाना चाहिए, इसके लिए महिला सशक्तिकरण, कृषि, अध्यापन जैसी 7-8 थीम दी गई हैं। हमने सभी को बराबरी का मौका देने की कोशिश की है।
ये भी पढ़ें: DIZO Watch D Plus स्मार्टवॉच भारत में लॉन्च, 1.85 इंच की है कर्व्ड डिस्प्ले
बता दें कि हाल ही में केंद्र सरकार ने कहा था कि वह एक महीने में उपग्रह टेलीविजन चैनलों की ‘अपलिंकिंग’ को नियंत्रण-मुक्त कर देगी। सरकार के इस कदम का मकसद भारत को ‘अपलिंकिंग’ का प्रमुख केंद्र बनाना है। दरअसल, उपग्रह दूरसंचार में अपलिंक किसी ग्राउंड स्टेशन से एक उपग्रह तक की कड़ी है। दूसरी ओर डाउनलिंक एक उपग्रह से नीचे एक या अधिक ग्राउंड स्टेशनों के बीच की कड़ी है।
ये भी पढ़ें: हेलो ट्विटर यूजर: एलन मस्क सभी से लेंगे पैसे, बिना आठ डॉलर दिए नहीं कर पाएंगे इस्तेमाल
हाल ही में सूचना एवं प्रसारण सचिव अपूर्व चंद्र ने एक कार्यक्रम में कहा था कि देश में 898 टेलीविजन प्रसारणकर्ताओं में से 532 चैनल अपनी सेवाओं की ‘अपलिंकिंग’ और ‘डाउनलिंकिंग’ के लिए विदेशी उपग्रहों का उपयोग करते हैं। हम उपग्रहों की अपलिंकिंग को नियंत्रण मुक्त करना चाहते हैं ताकि भारत इस क्षेत्र में एक केंद्र के तौर पर उभर सके। उन्होंने कहा था कि अपलिंकिंग और डाउनलिंकिंग दिशानिर्देश पिछली बार 2011 में जारी किए गए थे और उन्हें संशोधित करने की प्रक्रिया चल रही है।