एपल की चाल से फ्रॉड करने वाले हैरान: डिब्बा खोले बिना आईफोन चेक कर रही कंपनी, इस टेक्नोलॉजी ने किया कमाल!

नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीनीतीश कुमार
Mon, 26 Oct 2026 06:11 PM IST
सार

एपल ने पिछले महीने ही आईफोन 18 प्रो मॉडल्स और फोल्डेबल फोन आईफोन डुओ को लॉन्च किया है। नए फोन्स के लॉन्च होते ही इनसे जुड़े स्कैम और चोरी के मामले भी बढ़ने लगे हैं। इन्हें रोकने के लिए कंपनी ने एक शानदार एंटी-थेफ्ट स्कैनिंग सिस्टम पेश किया है। जो रिटर्न किए गए आईफोन का डिब्बा खोले बिना ही बता देगी कि अंदर रखे फोन से कोई छेड़छाड़ तो नहीं हुई है। आइए जानते हैं ये सिस्टम कैसे काम करता है।

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एपल टेक्नोलॉजी की मदद से रोक रही आईफोन से जुड़े फ्रॉड। - फोटो : अमर उजाला

    विस्तार

    Apple Anti-Theft Scanning System: दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक एपल (Apple) ने पिछले महीने ही अपनी दमदार आईफोन 18 प्रो सीरीज, आईफोन डुओ और एपल न्यू वॉच सीरीज को बाजार में उतारा है। नए डिवाइसेस के लॉन्च के साथ ही इनसे जुड़े फ्राड के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इन्हें देखते हुए कंपनी ने फ्रॉड रोकने और अपने नुकसान को कम करने के लिए एक बेहद अनोखा और हाई-टेक टूल भी पेश किया है।

    दरअसल, एपल ने अपने रिटेल स्टोर्स पर एक नया 'एंटी-थेफ्ट स्कैनिंग डिवाइस' लगाना शुरू कर दिया है। यह डिवाइस इतना एडवांस है कि यह रिटर्न किए गए आईफोन का सील पैक डिब्बा खोले बिना ही उसे स्कैन कर बता देता है कि उसके अंदर रखा फोन असली है या नकली।

    क्यों पड़ी इस मशीन की जरूरत?

    हाल ही में एपल को एक बड़े स्कैम का सामना करना पड़ रहा है। ब्लूमबर्ग के जाने-माने टेक जर्नलिस्ट मार्क गुरमन ने अपने 'पावर ऑन न्यूजलेटर' में इस स्कैम का खुलासा किया है। उनके मुताबिक, जालसाज एपल के महंगे प्रोडक्ट्स खरीदते हैं और डिब्बे में से आईफोन के असली और महंगे कलपुर्जे या एक्सेसरीज निकाल लेते हैं और डिब्बे को दोबारा बिलकुल असली जैसी सील लगाकर एपल स्टोर पर रिफंड के लिए वापस कर देते हैं। इन चोरी किए गए पार्ट्स को बाजार में ऊंचे दामों पर बेच दिया जाता है। यह खेल काफी बड़े पैमाने पर चल रहा है, जिससे कंपनी को भारी नुकसान हो रहा है।

    पुराने तरीके में क्या थी दिक्कत?

    इस धोखाधड़ी से बचने के लिए एपल ने अपने स्टोर कर्मचारियों को निर्देश दिया था कि रिफंड के लिए आने वाले हर डिब्बे को खोलकर चेक किया जाए। यह तरीका फ्रॉड पकड़ने में तो कारगर था, लेकिन इससे कंपनी का भारी नुकसान हो रहा था। क्योंकि जैसे ही किसी फोन की सील टूटती थी, वह नया नहीं रह जाता था और उसे दोबारा ग्राहकों को नहीं बेचा जा सकता था। उन खुले हुए फोन्स को वापस वेयरहाउस भेजना पड़ता था, जिससे इन्वेंट्री का बड़ा नुकसान होता था।

    प्रेस्टो तकनीक ने किया कमाल

    • इस परेशानी का हल निकालने के लिए एपल ने एक ऐसा स्मार्ट स्कैनर तैयार किया है जो डिब्बे के अंदर रखे फोन की सेहत का पूरा हाल बाहर से ही बता देता है। गुरमन के अनुसार, यह नया स्कैनर एपल की मौजूदा प्रेस्टो मशीन तकनीक पर आधारित है। प्रेस्टो मशीन की मदद से एपल पहले भी डिब्बा खोले बिना ही आईफोन के सॉफ्टवेयर को अपडेट करता आया है।
    • अब इसी तकनीक का इस्तेमाल एंटी-थेफ्ट स्कैनर में किया जा रहा है। जब कोई ग्राहक सील पैक फोन वापस करने आता है, तो कर्मचारी उसे बस स्कैनर पर रखता है। मशीन डिब्बे के अंदर रखे फोन से वायरलेस तरीके से संपर्क करती है और डायग्नोस्टिक्स रन करके बता देगी कि फोन के सभी पार्ट्स सही-सलामत हैं या उनके साथ कोई छेड़छाड़ हुई है।
    • अगर फोन बिल्कुल सुरक्षित मिलता है, तो डिब्बे की सील टूटने से बच जाएगी और उसे सीधे इन्वेंट्री में वापस रखकर किसी और ग्राहक को बेचा जा सकेगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह एंटी-थेफ्ट स्कैनिंग डिवाइस इस महीने की शुरुआत में ही एपल के रिटेल स्टोर्स पर पहुंचना शुरू हो गया है और अब यह पूरी तरह से काम कर रहा है। एपल के इस कदम से न सिर्फ स्कैमर्स पर लगाम लगेगी, बल्कि ग्राहकों तक भी एकदम सुरक्षित और ऑरिजिनल प्रोडक्ट पहुंचना सुनिश्चित होगा।
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