Comet: शॉपिंग बॉट कॉमेट को लेकर आमने-सामने आए अमेजन और परप्लेक्सिटी, जानिए क्या है मामला?
अमेजन और परप्लेक्सिटी के बीच लड़ाई छिड़ गई है। अमेजन चाहता है कि परप्लेक्सिटी अपने शॉपिंग बॉट कॉमेट का इस्तेमाल कंपनी की साइट पर बंद करे। कंपनी का कहना है कि कॉमेट खरीदारी करते समय ये नहीं बता रहा था कि वो एक बॉट है, जो अमेजन के नियमों के खिलाफ है।

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अमेजन ने एआई सर्च इंजन स्टार्टअप परप्लेक्सिटी को कहा कि वो अपने शॉपिंग बॉट कॉमेट का इस्तेमाल अमेजन की साइट पर बंद करे। इसकी वजह उन्होंने ये बताई कि कॉमेट खरीदारी करते समय ये नहीं बता रहा था कि वो एक बॉट है, जो अमेजन के नियमों के खिलाफ है।
कॉमेट एक शॉपिंग बॉट है जो ऑटोमेशन के जरिए यूजर का काम आसान करता है, उदाहरण के लिए अगर आपको कोई सामान चाहिए तो आप कॉमेट से उसके बारे में पूछिए तो वो अलग-अलग साइट्स (फ्लिपकार्ट, अमेजन, मिंत्रा) पर प्राइज कंपेयर करके शापिंग में लगने वाला समय, कूपन सब एक ही जगह बता देगा। सभी चीजें फाइनल होने के बाद आप प्रोडक्ट को चुन सकते हैं और कॉमेट आपके लिए खरीदारी भी कर देगा। आपने पुराने जो भी ऑर्डर खरीदें होंगे उसके लिए आपको साइट या एप पर जाने की जरूरत नहीं है, कॉमेट आपको सारे ऑर्डर एक ही जगह पर दिखा देगा और अगर आप चाहेंगे तो आपके लिए दोबारा प्रोडक्ट भी ऑर्डर कर देगा। कॉमेट आपको प्रोडक्ट डिस्क्रिप्शन, रिव्यू, स्पेसिफिकेशंस, अलग-अलग सोर्स और की-पॉइंट सम्मरी भी बना कर देगा।
परप्लेक्सिटी ने इस पर तुरंत ब्लॉग पोस्ट लिख कर जवाब दिया, "Bullying is not innovation" जिसका मतलब है "दादागीरी करना इनोवेशन नहीं होता"। परप्लेक्सिटी का कहना है कि अमेजन का ये कदम यूजर्स के लिए गलत है। कंपनी का तर्क है कि अगर बॉट यूजर की तरफ से काम कर रहा है, तो उसे वही परमिशन मिलनी चाहिए जो इंसान को मिलती है। उनका कहना कि वो सिर्फ "यूजर की मदद कर रहे हैं।"
अमेजन को ये बात रास नहीं आई। कंपनी का कहना है कि, बाकी एप्स (जैसे फूड डिलीवरी या ट्रैवल बुकिंग) खुद को एजेंट बताते हैं, तो कॉमेट क्यों नहीं बता सकता? अमेजन ने ये भी इशारा किया कि अगर परप्लेक्सिटी नहीं मानेगा, तो वो कॉमेट को पूरी तरह ब्लॉक कर देंगे। मजेदार बात ये है कि, अमेजन का अपना बॉट रूफस (Rufus) भी है, तो कॉम्पिटिशन का एंगल भी हो सकता है।
परप्लेक्सिटी का मानना है कि अमेजन का असली मकसद पैसा कमाना है, इसीलिए वो बॉट का विरोध कर रहा है क्योंकि बॉट्स एड्स या इंपल्सिव बाइंग में नहीं फंसते, जैसे इंसान फंसते हैं। मतलब अब अमेजन के पास आपको महंगे सामान जैसा महंगी लॉन्ड्री बास्केट या रैंडम नॉवेल बेचने का मौका कम मिलेगा।
वैसे ये पहली बार नहीं है जब परप्लेक्सिटी पर सवाल उठे हों। पहले भी क्लाउडफेयर ने कंपनी पर साइट्स स्क्रैप करने का आरोप लगाया था जो बॉट्स को ब्लॉक करती थीं। तब लोगों ने परप्लेक्सिटी का बचाव किया था, लेकिन उनके तरीके थोड़े संदिग्ध थे।