एक्सप्लेनर: मेटा चश्मे पर डीके शिवकुमार ने उठाए सवाल, रिकॉर्डिंग से निजता तक क्यों विवादों में रहता है गैजेट?

जागृति शुक्ला
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीजागृति शुक्ला
Mon, 26 Oct 2026 05:48 AM IST
सार

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने आरोप लगाया है कि एक उद्योगपति ने मेटा स्मार्ट चश्मा पहनकर उनकी और केरलम के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन की बातचीत रिकॉर्ड करने की कोशिश की। कर्नाटक सीएम के इस बयान के बाद एक बार फिर मेटा एआई चश्मे को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। कुछ यूजर्स ने पहले भी शिकायत की थी कि उनके मेटा स्मार्ट चश्मे बिना कमांड दिए ही बातचीत रिकॉर्ड कर लेते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि मेटा रे-बैन स्मार्ट चश्मे आखिर क्या हैं? ये कैसे काम करते हैं? इनके इस्तेमाल को लेकर क्या गाइडलाइंस हैं और यूजर्स को इनसे जुड़ी प्राइवेसी की क्या चिंताएं हैं?

Meta Smart Glasses: Unpacking Wearable AI, Hidden Recording Risks, Global Restrictions
मेटा एआई चश्मा विवाद - फोटो : एआई जनरेटेड

    स्मार्ट चश्मे अस सिर्फ फैशन या सुविधा तक ही सीमित नहीं रह गए हैं। मेटा और रे-बैन ने मिलकर ऐसे चश्मे तैयार किए हैं, जो दिखने में तो एक सामान्य चश्मों जैसे लगते हैं, लेकिन इनमें कैमरा, माइक्रोफोन, स्पीकर और मेटा एआई असिस्टेंट जैसे फीचर्स मिलते हैं। इनकी मदद से इसे पहने वाला व्यक्ति फोन निकाले बिना फोटो खींचने, वीडियो बनाने, कॉल करने, म्यूजिक सुनने और एआई से सवाल पूछने जैसे काम आसानी से कर सकता है।

    इन्हीं सुविधाओं के साथ यहां एक बड़ा सवाल खड़ा होता है। अगर चश्मा पहनने वाले को आसपास की चीजें रिकॉर्ड करने की सुविधा मिलती है, तो उसके आस-पास लोगों को कैसे पता चलेगा कि उनकी तस्वीर, वीडियाे या बातचीत रिकॉर्ड हो रही है। अक्तूबर 2026 में तो कुछ यूजर्स ने मेटा कमांड के ऑडियो रिकॉर्ड होने की शिकायत भी की। आइए मेटा स्मार्ट चश्मा के बारे में सबकुछ विस्तार से जानते हैं...

    मेटा स्मार्ट चश्मा क्या है?

    मेटा और चश्मा बनाने वाली कंपनी रे-बैन (Ray-Ban) ने मिलकर एक वियरेबल डिवाइस तैयार किया है। इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह दिखने में तो सामान्य चश्मा लगे, लेकिन इसके जरिए व्यक्ति डिजिटल काम भी आसानी से कर सकेंगे

    इन चश्मों के कुछ मॉडलों में 12 मेगापिक्सल का अल्ट्रा-वाइड कैमरा, पांच माइक्रोफोन की ऐरे, ओपन-ईयर स्पीकर और मेटा एआई असिस्टेंट मिलता है। ये फोन से ब्लूटूथ और वाई-फाई के जरिए कनेक्ट होकर काम करते हैं।

    हालांकि, यहां यह जानना जरूरी है कि सभी मॉडल्स में एक जैसे फीचर्स नहीं होते। कैमरे की क्षमता, वीडियो रिकॉर्डिंग के विकल्प और दूसरे फीचर्स मॉडल और फर्मवेयर के हिसाब से अलग हो सकते हैं। कुछ ऑडियो-फोकस्ड चश्मों में कैमरा नहीं भी होता है।

    कैमरे, माइक्रोफोन और एआई का काम
    कैमरे, माइक्रोफोन और एआई का काम - फोटो : एआई जनरेटेड

    चश्मे में लगे कैमरे, माइक्रोफोन और एआई का काम क्या है?

    • कैमरा:चश्मे में लगे कैमरा की मदद से यूजर हाथों का इस्तेमाल किए बगैर फोटो और वीडियो रिकॉर्ड कर सकता है। उपलब्ध रिजॉल्यूशन और रिकॉर्डिंग विकल्प मॉडल के अनुसार अलग हो सकते हैं।
    • माइक्रोफोन:स्मार्ट चश्में के माइक्रोफोन का इस्तेमाल कॉल करने, आवाज रिकॉर्ड करने और एआई असिस्टेंट को वॉयस कमांड देने के लिए होता है।
    • ओपन-ईयर स्पीकर:साथ ही इनसे बिना ईयरफोन लगाए म्यूजिक सुना जा सकता है और कॉल पर बात की जा सकती है। इस डिजाइन में आसपास की आवाजें भी सुनाई देती हैं।
    • मेटा एआई असिस्टेंट:इसमें मेटा एआई असिस्टेंट की सुविधा भी दी गई है, जिससे इसमें हे मेटा बोलकर ही सवाल पूछे जा सकते हैं। इसके बाद फीचर्स के आधार पर यह सामने मौजूद चीजों के बारे में जानकारी देने, अनुवाद करने और रिमाइंडर सेट करने जैसे कामों में मदद कर सकता है।
    मेटा एआई चश्मा पर वीडियो व फोटो रिकॉर्ड प्रक्रिया
    मेटा एआई चश्मा पर वीडियो व फोटो रिकॉर्ड प्रक्रिया - फोटो : एआई जनरेटेड

    चश्मे से फोटो और वीडियो कैसे रिकॉर्ड होते हैं?

    • इस चश्मे से फोटो या वीडियो लेने के लिए हर बार फोन निकालना जरूरी नहीं है। यूजर फ्रेम पर मौजूद बटन दबाकर या वॉयस कमांड के जरिए रिकॉर्डिंग शुरू कर सकता है।
    • जैसे मान लीजिए, यूजर हे मेटा, टेक अ फोटो या हे मेटा टेक अ वीडियो का कमांड देता है, तो इसके बाद चश्मा अपने कैमरे से तस्वीर या वीडियो रिकॉर्ड कर सकता है। वीडियो की टाइमिंग और क्वालिटी मॉडल के हिसाब से अलग हो सकती है।
    • इसके बाद रिकॉर्ड किया गया कंटेंट पहले चश्मे में अस्थायी रूप से सेव हो सकती है और फिर फोन में मौजूद मेटा एप पर ट्रांसफर की जा सकती है। वहीं, एआई के साथ बातचीत से जुड़े वॉयस लॉग और टेक्स्ट ट्रांसक्रिप्ट भी ऐप में दिखाई दे सकते हैं।
    • मेटा का कहना है कि आमतौर पर यूजर के कमांड या डिवाइस की सक्रियता के आधार पर रिकॉर्डिंग शुरू होनी चाहिए, लेकिन अक्तूबर 2026 में कुछ यूजर्स ने शिकायत की कि उनके रे-बैन मेटा चश्मों में बिना कमांड दिए बातचीत रिकॉर्ड हुई और मेटा एआई एप में ऑडियो के साथ उसका टेक्स्ट ट्रांसक्रिप्ट भी दिखाई दिया।
    • एक यूजर ने दावा किया कि ऐसा तीन अलग-अलग जोड़ी चश्मों में हुआ, जबकि रिस्पॉन्ड विदआउट हे मेटा सेटिंग भी बंद थी। कुछ अन्य यूजर्स ने भी ऐसी शिकायतें साझा कीं। हालांकि, इन रिपोट्स से यह साफ नहीं हुआ कि कुल कितने डिवाइस प्रभावित हुए या तकनीकी समस्या की असल वजह क्या थी।
    • इसपर मेटा ने 13 अक्तूबर 2026 को कहा कि स समस्या को ठीक कर दिया गया है। कंपनी ने यह भी बताया कि यूजर अपनी एआई बातचीत के वॉयस लॉग को देख सकते हैं और जरूरत पड़ने पर डिलीट कर सकते हैं।