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Guru Rashi Parivartan 2021: आज 12 वर्षों बाद कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे गुरु, सत्तारूढ़ सरकार की बढ़ सकती हैं परेशानियां

Sat, 20 Nov 2021 05:51 AM IST
श्वेता सिंह आचार्य पण्डित रामचंद्र शर्मा वैदिक
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गुरु का राशि परिवर्तन 2021 - फोटो : amar ujala
Guru Rashi Parivartan 2021: आज सौर मंडल का सबसे बड़ा ग्रह बृहस्पति मकर राशि से निकलकर कुंभ राशि में गोचर करने जा रहा है। गुरु ग्रह हमें एक शक्तिशाली और हर्षित और लाभ देने वाला ग्रह माना जाता है। यह भाग्य और सम्मान प्राप्ति के भी मुख्य कारक माने जाते हैं। देवराज बृहस्पति का नवग्रहों में प्रमुख स्थान है। गुरु एक राशि में लगभग 13 माह तक गोचर करते हैं व लगभग बारह वर्षों में बारह राशियों का भ्रमण पूर्ण करते हैं। पूर्व में 2009 में गुरु कुंभ राशि में आए थे। 20 जून से 17 अक्तूबर 2021 तक गुरु वक्री रहे। 18.10.21 को गुरु मकर राशि मे मार्गी हुए। वक्री,मार्गी व अस्तगत स्थितियों में  गुरु का फल कतिपय जातकों पर अशुभ होता है। 20 नवंबर को रात्रि 11 बजकर 19 मिनट पर रोहिणी नक्षत्र व वृषभ राशि में गुरु अपनी नीच राशि मकर से निकलकर शनि की ही कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। कुंभ राशि प्रवेश के साथ ही शनि गुरु का युति संबंध भंग होगा। 

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Guru Rashi Parivartan 2021
गुरु का राशि परिवर्तन बढ़ाएगा सत्तारूढ़ सरकार की परेशानी 

आचार्य पण्डित रामचंद्र शर्मा वैदिक ने बताया कि देवराज गुरु सौर मंडल का प्रमुख ग्रह है। गुरु का राशि परिवर्तन देश दुनिया के लिए महत्वपूर्ण है। गुरु धर्म अध्यात्म का प्रमुख ग्रह माना जाता है। शरीर मे पाचन प्रक्रिया, श्वसन तंत्र, पेट, लिवर व ह्रदय तंत्र पर गुरु ग्रह का अधिकार है। गुरु के कुंभ राशि में प्रवेश से रोगों का प्रभाव कम होगा वहीं संहिता ग्रंथों की मानें तो राजनेताओं में वैमनस्यता का भाव बढ़ेगा व कहीं-कहीं दुर्भिक्ष की स्थितियां भी निर्मित हो सकती हैं। गुरु शनि की नीच राशि मकर से शनि की ही राशि कुंभ में प्रवेश कर रहे है। यह परिवर्तन सत्तारूढ़ सरकारों की परेशानियां बढ़ाने वाला हो सकता है।
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Guru Rashi Parivartan 2021
अप्रैल 2022 तक गुरु कुंभ में गोचर करेंगे

आचार्य पण्डित शर्मा के अनुसार बारह राशियों पर गुरु की राशि परिवर्तन का अलग-अलग प्रभाव देखने को मिलेगा। 20 नवंबर 2021 से 13 अप्रैल 2022 तक देवगुरु बृहस्पति कुंभ में ही गोचर करेंगे। 

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Guru Rashi Parivartan 2021
विभिन्न राशियों पर पड़ेगा अलग प्रभाव 
  • शुभ फलदायी राशियां- मेष,मिथुन,तुला,मकर राशि के लिए यह परिवर्तन शुभ फलदायी रहेगा। 
  • अशुभ फलदायी राशियां- कर्क,कन्या,वृश्चिक, मीन राशि के लिए यह गोचर अशुभ फलदायी रहेगा।
  • मिश्रित फलदायी राशियां- इसके अलावा यह राशि परिवर्तन वृषभ, धनु, कुम्भ व सिंह राशि के लिए मिश्रित फल देने वाला रहेगा । 
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Guru Rashi Parivartan 2021 - फोटो : अमर उजाला
यह उपाय करेंगे अशुभ फल को कम

आचार्य शर्मा वैदिक ने बताया कि गुरु के राशि परिवर्तन से वैश्विक महामारी कोविड में कमी आएगी। जिन राशियों के लिए राशि परिवर्तन अशुभ है उन्हें निम्न उपाय करने चाहिए। 
  • गुरुवार को पीली वस्तुओं का सेवन  व दान करें।
  • केले व पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।  
  • स्नान आदि करने के बाद केसर का तिलक मस्तक पर लगाएं।
  • गुरु के मन्त्र का यथा शक्ति जप करें। 
  • ब्राह्मणों का सम्मान करें। 
  • गुरुवार को विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
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