विज्ञापन

Jaan Nisar Akhtar Shayari: जाँ निसार अख़्तर की दिल छू लेने वाली शायरी

रुचिका मल्होत्रा

Urdu Adab
विज्ञापन
                                    
                     
                                                  

जाँ निसार अख़्तर साहब 20वीं सदी के उर्दू ज़ुबान के मशहूर शायर थे। जिनके शेर, ग़ज़ल और नज़्म आज भी लोगों की जु़बाँ पर है। उन्होंने कई ग़ज़लें, रुबाइयां, नज्में और शायरी लिखी हैं। जाँ निसार अख़्तर साहब की कलम ने रूमानियत को एक अलग ही नज़ाकत भरे अंदाज में पेश किया। जाँ निसार अख़्तर फ़िल्मों के विख्यात गीतकार रहे। उन्होंने हिंदी सिनेमा को एक से एक हिट गाने दिए हैं और अपनी कलम से कई खूबसूरत गीतों को सजाया जिनमें आंखों ही आंखों में,ये दिल और उनकी निगाहों के साये,आजा रे जैसे न जाने कितने ही गाने शामिल हैं।  

 

पेश है जाँ निसार अख्तर की दिल छू लेनी वाली शायरी 

विज्ञापन

ये इल्म का सौदा ये रिसाले ये किताबें 
इक शख़्स की यादों को भुलाने के लिए हैं

मैं जब भी उस के ख़यालों में खो सा जाता हूँ 
वो ख़ुद भी बात करे तो बुरा लगे है मुझे
 

आँखों में जो भर लोगे तो काँटों से चुभेंगे 
ये ख़्वाब तो पलकों पे सजाने के लिए हैं

तुझे बाँहों में भर लेने की ख़्वाहिश यूँ उभरती है 
कि मैं अपनी नज़र में आप रुस्वा हो सा जाता हूँ
 

लोग कहते हैं कि तू अब भी ख़फ़ा है मुझ से 
तेरी आँखों ने तो कुछ और कहा है मुझ से

जब लगें ज़ख़्म तो क़ातिल को दुआ दी जाए 
है यही रस्म तो ये रस्म उठा दी जाए

हर एक रूह में इक ग़म छुपा लगे है मुझे 
ये ज़िंदगी तो कोई बद-दुआ लगे है मुझे

उठने को उठ तो जाएँ तिरी अंजुमन से हम 
पर तेरी अंजुमन को भी सूना किया न जाए

आहट सी कोई आए तो लगता है कि तुम हो 
साया कोई लहराए तो लगता है कि तुम हो

आज तो मिल के भी जैसे न मिले हों तुझ से 
चौंक उठते थे कभी तेरी मुलाक़ात से हम
4 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Anita Chaturvedi

181 कविताएं

View Profile

Ankit Kumar

10257 कविताएं

View Profile